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Faridabad News: स्वच्छता अभियान के दूसरे दिन शहर में गंदगी ढेर
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- लोगों को हो रही परेशानी, सीएम ने रविवार को अभियान का किया था समापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में श्रमदान दिवस के दूसरे दिन ही सफाई अभियान की हवा निकल गई। सड़कों पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सोहना रोड स्थित लखनी चौक, मोहना रोड, एनआईटी पांच की है। कूड़े से उठती दुर्गंध से लोगों का सड़कों से गुजरना मुश्किल हो गया। हालांकि सोमवार को गांधी जयंती पर भी कई जगह स्वच्छता अभियान चलाया गया, लेकिन नेता पुराने स्थानों पर लगे गंदगी के ढेरों को भूल गए।
लोगों ने कहा कि सरकार का अभियान दिखावा मात्र रहा है। नेता एक दिन के लिए झाड़ू उठाकर फोटो छपवा लेते हैं। उसके बाद साल भर दिखाई नहीं देते हैं। इसे लेकर उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को शिकायत की है। एक अक्तूबर स्वच्छता को अभियान को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से लेकर भाजपा के ब्लॉक स्तर के नेताओं तक सभी ने झाड़ू लगाकर फोटो खिंचवाए थे। उसके बाद शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर लगे हैं, लेकिन अब किसी भी नेता का उस गंदगी के ढेर की तरफ कोई ध्यान नहीं जा रहा।
सोमवार को अमर उजाला संवाददाता ने शहर के अलग-अलग इलाकों की पड़ताल की। सबसे पहले हार्डवेयर सोहना रोड स्थित लखानी चौक पहुंचे। यहां मुख्य सड़क पर गंदगी का ढेर लगा हुआ था। इसके बाद मोहना रोड पर भी सड़क पर कूड़े के ढेर देखने को मिला। जिसमें लावारिस पशु मुंह मार रहे थे। यही स्थिति एनआईटी पांच और नीलम बाटा रोड स्थित कोतवाली थाने के पास देखने को मिली। जिससे राहगीरों को काफी दिक्कत हुई। वहीं, एसजीएम नगर में भी कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे मिले। एसजीएम नगर के सुरेश ने बताया कि सड़क पर तीन जगहों पर कूड़े के ढेर दोपहर तक लगे रहे, लेकिन गाड़ी उठाने नहीं आई। उनका कहना हैं कि निगम ने 15 दिन से सफाई अभियान चलाया था। इससे थोड़ी गंदगी से राहत मिली थी। सोमवार को तो सफाई कर्मी भी झाड़ू लगाने नहीं आए। बता दें कि नगर निगम ने 15 सितंबर से एक अक्तूबर से मेगा सफाई अभियान चलाया था। इसके लिए वार्ड स्तर पर टीमों का गठन कर सफाई कराई गई थी। हालांकि बीच में निगम कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई अभियान प्रभावित हुआ था।
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लोगों से बातचीत
सेक्टर में गंदगी का बुरा हाल है। एक दिन पहले सफाई कराई। फिर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने शुरू हो गए। सड़कों पर कूड़ा फेंकने वालों पर निगम को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। - आरएस मावी, निवासी सेक्टर-11
स्वच्छता अभियान केवल नाम तक सीमित है। काम नहीं किए जाते हैं। तभी सफाई के दूसरे ही गंदगी के ढेर लग गए। नगर निगम सफाई कर्मचारी भी अपनी कोई जिम्मेदारी नहीं समझते हैं। - श्वेता शर्मा, एनआईटी 5
सफाई अभियान के तहत हजारों टन कूड़ा बंधवाड़ी भेजा गया है। कूड़े का उठान कराया जा रहा है। यदि समय से कूड़ा नहीं उठा तो इकोग्रीन कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील हैं कि सड़क और खुले स्थान में कूड़ा ना डालें।
- डॉ. प्रभजोत कौर, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में श्रमदान दिवस के दूसरे दिन ही सफाई अभियान की हवा निकल गई। सड़कों पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सोहना रोड स्थित लखनी चौक, मोहना रोड, एनआईटी पांच की है। कूड़े से उठती दुर्गंध से लोगों का सड़कों से गुजरना मुश्किल हो गया। हालांकि सोमवार को गांधी जयंती पर भी कई जगह स्वच्छता अभियान चलाया गया, लेकिन नेता पुराने स्थानों पर लगे गंदगी के ढेरों को भूल गए।
लोगों ने कहा कि सरकार का अभियान दिखावा मात्र रहा है। नेता एक दिन के लिए झाड़ू उठाकर फोटो छपवा लेते हैं। उसके बाद साल भर दिखाई नहीं देते हैं। इसे लेकर उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को शिकायत की है। एक अक्तूबर स्वच्छता को अभियान को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से लेकर भाजपा के ब्लॉक स्तर के नेताओं तक सभी ने झाड़ू लगाकर फोटो खिंचवाए थे। उसके बाद शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर लगे हैं, लेकिन अब किसी भी नेता का उस गंदगी के ढेर की तरफ कोई ध्यान नहीं जा रहा।
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सोमवार को अमर उजाला संवाददाता ने शहर के अलग-अलग इलाकों की पड़ताल की। सबसे पहले हार्डवेयर सोहना रोड स्थित लखानी चौक पहुंचे। यहां मुख्य सड़क पर गंदगी का ढेर लगा हुआ था। इसके बाद मोहना रोड पर भी सड़क पर कूड़े के ढेर देखने को मिला। जिसमें लावारिस पशु मुंह मार रहे थे। यही स्थिति एनआईटी पांच और नीलम बाटा रोड स्थित कोतवाली थाने के पास देखने को मिली। जिससे राहगीरों को काफी दिक्कत हुई। वहीं, एसजीएम नगर में भी कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे मिले। एसजीएम नगर के सुरेश ने बताया कि सड़क पर तीन जगहों पर कूड़े के ढेर दोपहर तक लगे रहे, लेकिन गाड़ी उठाने नहीं आई। उनका कहना हैं कि निगम ने 15 दिन से सफाई अभियान चलाया था। इससे थोड़ी गंदगी से राहत मिली थी। सोमवार को तो सफाई कर्मी भी झाड़ू लगाने नहीं आए। बता दें कि नगर निगम ने 15 सितंबर से एक अक्तूबर से मेगा सफाई अभियान चलाया था। इसके लिए वार्ड स्तर पर टीमों का गठन कर सफाई कराई गई थी। हालांकि बीच में निगम कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई अभियान प्रभावित हुआ था।
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लोगों से बातचीत
सेक्टर में गंदगी का बुरा हाल है। एक दिन पहले सफाई कराई। फिर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने शुरू हो गए। सड़कों पर कूड़ा फेंकने वालों पर निगम को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। - आरएस मावी, निवासी सेक्टर-11
स्वच्छता अभियान केवल नाम तक सीमित है। काम नहीं किए जाते हैं। तभी सफाई के दूसरे ही गंदगी के ढेर लग गए। नगर निगम सफाई कर्मचारी भी अपनी कोई जिम्मेदारी नहीं समझते हैं। - श्वेता शर्मा, एनआईटी 5
सफाई अभियान के तहत हजारों टन कूड़ा बंधवाड़ी भेजा गया है। कूड़े का उठान कराया जा रहा है। यदि समय से कूड़ा नहीं उठा तो इकोग्रीन कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील हैं कि सड़क और खुले स्थान में कूड़ा ना डालें।
- डॉ. प्रभजोत कौर, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम