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Faridabad News: तेज रफ्तार पर लगेगा डिजिटल ब्रेक, चंडीगढ़ मॉडल पर बनेगा स्पीड रडार नेटवर्क

Sun, 07 Dec 2025 12:43 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 07 Dec 2025 12:43 AM IST
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Digital brakes will be imposed on speeding, speed radar network will be built on Chandigarh model
लापरवाह ड्राइविंग पर होगी सख्ती, नियम तोड़ने वालों के ऑटोमैटिक चालान होंगे
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर की सड़कों पर बेकाबू रफ्तार और लापरवाही से होने वाले हादसों पर लगाम कसने के लिए फरीदाबाद प्रशासन अब सड़क सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जिले में स्पीड रडार नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। यह चंडीगढ़ के सफल ट्रैफिक प्रबंधन मॉडल पर आधारित होगा। इस व्यवस्था के लागू होते ही प्रमुख सड़कों और ब्लैक स्पॉट्स पर तेज गति से चलने वाले वाहनों की तुरंत पहचान होगी और नियम तोड़ने वालों के ऑटोमैटिक चालान जारी होंगे।


प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में दिल्ली-मथुरा रोड, एसजीएम नगर, एनआईटी, सेक्टर-15-16, बायपास, केजी मार्ग, बल्लभगढ़ क्षेत्र और औद्योगिक इलाकों की हाई-रिस्क सड़कें कवर की जाएंगी। मौजूदा सीसीटीवी सिस्टम को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से जोड़ा जाएगा ताकि स्पीड, रेड लाइट जंप, गलत लेन और बिना हेलमेट-सीट बेल्ट जैसी उल्लंघन गतिविधियों की स्वतः पहचान हो सके।
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हादसों का बढ़ता ग्राफ बना चिंता की वजह


पिछले कुछ महीनों में शहर में सड़क हादसों की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। कहीं तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को टक्कर मारी, तो कहीं भारी वाहन की चपेट में आकर राहगीर की जान गई। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास, केजीपी एक्सप्रेसवे के एप्रोच रोड, एनआईटी के संकरे चौराहे और बल्लभगढ़ की औद्योगिक सड़कों पर अक्सर जाम और हादसे देखने को मिलते हैं। पुलिस व ट्रैफिक विभाग मान रहा है कि ओवर स्पीडिंग और गलत लेन ड्राइविंग सबसे बड़े कारण हैं।
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हर दो दिन में सड़क हादसे में हो जाती है एक मौत


जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में हर दो दिन में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो जाती है। साल 2023-24 में 1200 से अधिक हादसे हुए थे इनमें करीब 600 लोगों की मौत हुई थी। वहीं घायल होने वालों की संख्या भी काफी है। वहीं इन सभी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की तरफ से सख्त रुख अपनाया जा रहा है। इसके तहत हादसों पर रोक लगने के साथ लापरवाह लोगों पर भी एक्शन लिया जाएगा।


कैसे काम करेगा रडार नेटवर्क

नई व्यवस्था के तहत हाई-रेंज स्पीड रडार, ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे और कंट्रोल रूम की मदद से हर वाहन की गति रियल टाइम में रिकॉर्ड होगी। तय सीमा से अधिक स्पीड पर वाहन चलते ही सिस्टम अलर्ट जारी करेगा और ई-चालान अपने आप बन जाएगा। कंट्रोल रूम से ट्रैफिक फ्लो की लाइव मॉनिटरिंग होगी ताकि जाम की स्थिति में तुरंत पुलिस टीमों और क्रेन अमले को तैनात किया जा सके।


चंडीगढ़ मॉडल किया जा रहा है पसंद


चंडीगढ़ का ट्रैफिक मॉडल देश में अनुशासन और तकनीक के बेहतर समन्वय के लिए जाना जाता है। वहां स्पीड रडार, सख्त प्रवर्तन और पारदर्शी ई-चालान सिस्टम के चलते हादसों पर काफी अंकुश लगा है। फरीदाबाद भी इसी राह पर चलते हुए तकनीक आधारित प्रवर्तन को प्राथमिकता दे रहा है।




अनुभव के आधार पर नेटवर्क का होगा विस्तार


जानकारी के अनुसार प्रारंभिक चरण के अनुभव के आधार पर नेटवर्क को पूरे जिले में विस्तारित किया जाएगा। ट्रैफिक साइनज, स्पीड लिमिट बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग और स्ट्रीट लाइटिंग को भी अपग्रेड करने की योजना है। इसके साथ ही स्कूलों और औद्योगिक क्षेत्रों में रोड सेफ्टी अवेयरनेस अभियान चलाकर लोगों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।



सरकार की तरफ से जैसे भी आदेश आएंगे उसी के अनुसार योजना पर काम किया जाएगा। - संजीव कुमार, कार्यकारी अभियंता, स्मार्ट सिटी
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