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Faridabad News: यूजीसी एक्ट को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग
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पूर्व विधायक नयनपाल रावत ने लिया आंदोलन शुरू करने का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पृथला क्षेत्र से पूर्व विधायक नयनपाल रावत ने सेक्टर-12 स्थित एक निजी होटल में प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार से प्रस्तावित यूजीसी एक्ट को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में जाति की राजनीति चल रही है। देश को जाति की राजनीति से बचाने के लिए उन्होंने ‘जातिवाद हटाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि जाति की राजनीति देश को खोखला कर रही है। आरक्षण की व्यवस्था पहले 10 वर्ष की सीमित अवधि के लिए थी, लेकिन इसे लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग करते हुए इसे आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षण की समीक्षा के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से करोड़ों लोगों के हस्ताक्षर करवाकर राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजा जाएगा। पूर्व विधायक रावत ने देश में मुफ्त अनाज समेत विभिन्न प्रकार की सहायता राशि बंद करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पेंशन की सुविधा केवल बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को दी जानी चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पृथला क्षेत्र से पूर्व विधायक नयनपाल रावत ने सेक्टर-12 स्थित एक निजी होटल में प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार से प्रस्तावित यूजीसी एक्ट को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में जाति की राजनीति चल रही है। देश को जाति की राजनीति से बचाने के लिए उन्होंने ‘जातिवाद हटाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि जाति की राजनीति देश को खोखला कर रही है। आरक्षण की व्यवस्था पहले 10 वर्ष की सीमित अवधि के लिए थी, लेकिन इसे लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग करते हुए इसे आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षण की समीक्षा के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से करोड़ों लोगों के हस्ताक्षर करवाकर राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजा जाएगा। पूर्व विधायक रावत ने देश में मुफ्त अनाज समेत विभिन्न प्रकार की सहायता राशि बंद करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पेंशन की सुविधा केवल बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को दी जानी चाहिए।
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