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सौ फीसदी सवारी के साथ मेट्रो के संचालन से दैनिक यात्री खुश
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बल्लभगढ़। दिल्ली मेट्रो के जरिये दिल्ली-एनसीआर में यात्रा करने वाले अब सौ फीसदी सीटों पर बैठकर सफर कर सकेंगे। लॉकडाउन की पाबंदियों में छूट मिलने के बाद डीएमआरसी के इस फैसले से दैनिक यात्रियों में खुशी का माहौल है। वे अब सीटों पर बिना सामाजिक दूरी के भी बैठ सकेंगे। हालांकि मास्क पहनना अभी भी अनिवार्य है। रविवार को सामाजिक दूरी वाले स्टिकर भी हटा दिए गए।
जिले में राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन से मेट्रो की सफर शुरू हो जाता है। यहां बल्लभगढ़-पलवल-होडल के लोग सीधे मेट्रो से दिल्ली पहुंचते हैं। वहीं, पीक ऑवर में इस रूट पर मेट्रो में सीट मिलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सामाजिक दूरी के नियम के तहत एक सीट छोड़कर यात्रा करने का नियम लोगों के लिए मुश्किल खड़ी कर रहा था। कई लोग अपना पूरा सफर खड़े रहकर ही करते, तो कई की मेट्रो इस कारण छूट रही थी।
संक्रमण का प्रभाव कम होते हुए मेट्रो का संचालन पहले ही सीमित सवारियों के साथ शुरू हो गया था। इस दौरान मेट्रो में सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए एक सीट छोड़कर बैठने के लिए सामाजिक दूरी का पालन करने वाले स्टिकर एक सीट के अंतराल पर लगाए गए थे। इस सीट पर बैठने वाले लोगों के चालान काटे जा रहे थे। खड़े होकर यात्रा करना भी दंडनीय की श्रेणी में रखा गया। ऐसे में लोगों को मेट्रो की 50 फीसदी क्षमता के साथ यात्रा करने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। वहीं, सोमवार को नए दिशा-निर्देश के साथ मेट्रो संचालन से पूर्व प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली। रविवार को ही मेट्रो सीट से सामाजिक दूरी के स्टिकर हटा दिए गए।
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वर्जन-
दिल्ली मेट्रो की सभी सीटों से यात्रा करने से राहत लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेंगी, लेकिन दिन के समय ही कारगर साबित होगी। पीक ऑवर के समय मेट्रो की वही स्थिति रहेगी। - विजय थपलियाल
पहले सीट छोड़कर सफर करने में दिक्कत होती थी। अधिकांश यात्री खड़े होकर यात्रा करते थे। इस वजह से उनके चालान भी होते थे। वह घंटों खड़े होेने से बचने के लिए खड़े होकर सफर करने को मजबूूर थे। लेकिन अब यह राहत भरी खबर है। - शानू कुमार
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जिले में राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन से मेट्रो की सफर शुरू हो जाता है। यहां बल्लभगढ़-पलवल-होडल के लोग सीधे मेट्रो से दिल्ली पहुंचते हैं। वहीं, पीक ऑवर में इस रूट पर मेट्रो में सीट मिलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सामाजिक दूरी के नियम के तहत एक सीट छोड़कर यात्रा करने का नियम लोगों के लिए मुश्किल खड़ी कर रहा था। कई लोग अपना पूरा सफर खड़े रहकर ही करते, तो कई की मेट्रो इस कारण छूट रही थी।
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संक्रमण का प्रभाव कम होते हुए मेट्रो का संचालन पहले ही सीमित सवारियों के साथ शुरू हो गया था। इस दौरान मेट्रो में सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए एक सीट छोड़कर बैठने के लिए सामाजिक दूरी का पालन करने वाले स्टिकर एक सीट के अंतराल पर लगाए गए थे। इस सीट पर बैठने वाले लोगों के चालान काटे जा रहे थे। खड़े होकर यात्रा करना भी दंडनीय की श्रेणी में रखा गया। ऐसे में लोगों को मेट्रो की 50 फीसदी क्षमता के साथ यात्रा करने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। वहीं, सोमवार को नए दिशा-निर्देश के साथ मेट्रो संचालन से पूर्व प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली। रविवार को ही मेट्रो सीट से सामाजिक दूरी के स्टिकर हटा दिए गए।
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दिल्ली मेट्रो की सभी सीटों से यात्रा करने से राहत लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेंगी, लेकिन दिन के समय ही कारगर साबित होगी। पीक ऑवर के समय मेट्रो की वही स्थिति रहेगी। - विजय थपलियाल
पहले सीट छोड़कर सफर करने में दिक्कत होती थी। अधिकांश यात्री खड़े होकर यात्रा करते थे। इस वजह से उनके चालान भी होते थे। वह घंटों खड़े होेने से बचने के लिए खड़े होकर सफर करने को मजबूूर थे। लेकिन अब यह राहत भरी खबर है। - शानू कुमार