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Faridabad News: सूरजकुंड मेले में हर शाम होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
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महाचौपाल पर दो हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, इस बार दोगुनी की गई क्षमता
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की महाचौपाल पर इस वर्ष भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य छटा देखने को मिलेगी। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेला प्राधिकरण ने इस बार महाचौपाल पर बैठने की व्यवस्था को दोगुना करने का निर्णय लिया है। अब करीब दो हजार दर्शक एक साथ आराम से बैठकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे।
मेला प्राधिकरण के अनुसार महाचौपाल के मंच पर पत्थर लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है और फिलहाल रंग-रोगन का काम तेजी से चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले के दौरान 15 दिनों तक प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें बॉलिवुड, हरियाणवी और पंजाबी गायकों के अलावा कव्वाली, फैशन शो, थीम राज्य और कंट्री पार्टनर देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देते हैं।
जब भी मेले में बॉलिवुड या पंजाबी के बड़े कलाकार व देश के प्रसिद्ध कव्वाली गायक आते हैं, तो उन्हें देखने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के लिए महाचौपाल पर विशेष रूप से मंच सजाया जाता है, क्योंकि मुख्य चौपाल पर भीड़ को संभालना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण बड़े कलाकारों के चार से पांच कार्यक्रम इस बार भी महाचौपाल पर आयोजित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से ही महाचौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जिसकी शुरुआत बॉलिवुड गायक कैलाश खेर के कार्यक्रम से हुई थी।
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पिछले वर्ष तक महाचौपाल पर केवल एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर दो हजार कर दिया गया है। साथ ही आम पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए वीआईपी प्रवेश द्वार अलग से बनाया जाएगा।
मेला प्राधिकरण के अधिकारी हरविंद्र यादव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। चार-पांच दिनों में मेला परिसर की सजावट का काम भी शुरू हो जाएगा। उप राष्ट्रपति के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया गया है। उद्घाटन के दौरान आमजन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि उनके जाने के बाद मेला सामान्य दर्शकों के लिए खोल दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की महाचौपाल पर इस वर्ष भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य छटा देखने को मिलेगी। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेला प्राधिकरण ने इस बार महाचौपाल पर बैठने की व्यवस्था को दोगुना करने का निर्णय लिया है। अब करीब दो हजार दर्शक एक साथ आराम से बैठकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे।
मेला प्राधिकरण के अनुसार महाचौपाल के मंच पर पत्थर लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है और फिलहाल रंग-रोगन का काम तेजी से चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले के दौरान 15 दिनों तक प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें बॉलिवुड, हरियाणवी और पंजाबी गायकों के अलावा कव्वाली, फैशन शो, थीम राज्य और कंट्री पार्टनर देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देते हैं।
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जब भी मेले में बॉलिवुड या पंजाबी के बड़े कलाकार व देश के प्रसिद्ध कव्वाली गायक आते हैं, तो उन्हें देखने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के लिए महाचौपाल पर विशेष रूप से मंच सजाया जाता है, क्योंकि मुख्य चौपाल पर भीड़ को संभालना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण बड़े कलाकारों के चार से पांच कार्यक्रम इस बार भी महाचौपाल पर आयोजित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से ही महाचौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जिसकी शुरुआत बॉलिवुड गायक कैलाश खेर के कार्यक्रम से हुई थी।
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पिछले वर्ष तक महाचौपाल पर केवल एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर दो हजार कर दिया गया है। साथ ही आम पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए वीआईपी प्रवेश द्वार अलग से बनाया जाएगा।
मेला प्राधिकरण के अधिकारी हरविंद्र यादव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। चार-पांच दिनों में मेला परिसर की सजावट का काम भी शुरू हो जाएगा। उप राष्ट्रपति के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया गया है। उद्घाटन के दौरान आमजन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि उनके जाने के बाद मेला सामान्य दर्शकों के लिए खोल दिया जाएगा।