फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   ेसबुक वॉल से आया जान का खतरा, सीपी से शिकायत

ेसबुक वॉल से आया जान का खतरा, सीपी से शिकायत

Sun, 13 May 2018 08:08 PM IST
Updated Sun, 13 May 2018 08:08 PM IST
विज्ञापन
ेसबुक वॉल से आया जान का खतरा, सीपी से शिकायत

विज्ञापन
फेसबुक वॉल जान से मारने की दी धमकी

फरीदाबाद। बिना फार्मसिस्ट नियम विपरीत चल रहे कुछ मेडिकल स्टोर के खिलाफ आवाज उठाना फार्मसिस्ट फाउंडेशन संगठन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक त्रिपाठी को भारी पड़ गया। अब उन्हें लगातार जान से मारने और अंजाम भुगतने की धमकी मिल रही है। फेसबुक वॉल के माध्यम से भी उन तक धमकी पहुंची है। दीपक ने इस मामले में पुलिस कमिश्नर को शिकायत देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
दीपक त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि दवा कंट्रोल विभाग भी बिना फार्मसिस्ट के चलाए जाने वाले मेडिकल स्टोर पर नकेल नहीं कसता। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के मुताबिक बिना किसी फार्मसिस्ट के मेडिकल स्टोर का संचालन नहीं किया जा सकता। इसी के चलते उन्होंने सोशल साइट्स पर इन अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ मुहिम चलाई थी। फेसबुक पोस्ट में जिन मेडिकल स्टोर्स के नाम का जिक्र था वहां से धमकी भरे फोन कॉल आने शुरु हो गए। धमकी भरे फोन कॉल से तंग आकर फार्मस्सिट फाउंडेशन हरियाणा ने अपना पुलिस आयुक्त से उपरोक्त मामले की शिकायत के साथ सुरक्षा की मांग की है।
विज्ञापन


सोशल मीडिया पर वायरल मेसेज और पुलिस आयुक्त को की गई शिकायत की कापी मिली है। हालांकि फार्मसिस्ट फाउंडेशन की ओर से या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से ऐसी कोई शिकायत विभाग को नहीं मिली। शिकायत के आधार पर कार्यवाई जरूर की जाएगी। कुछ ही दिन पहले विभाग ने ऐसे मेडिकल स्टोर्स पर छापे मारी कर छायंसा और धौज के कई मेडिकल स्टोर बंद कराए हैं। विभाग कार्यवाई करने के लिए तत्पर है बशर्ते लिखित में शिकायत दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

- करण गोदारा, निरीक्षक, जिला ड्रग कंट्रोल विभाग

क्या है सोशल मीडिया का वायरल सच
मेडिकल स्टोर को चलाने के लिए फार्मसिस्ट की आवश्यकता होती है। फार्मसिस्ट फाउंडेशन का कहना है कि एनआईटी खासतौर पर डबुआ क्षेत्र में बिना फार्मसिस्ट के ही मेडिकल स्टोर चलाए जा रहे हैं। वहीं ड्रग कंट्रोल विभाग का कहना है कि ऐसा नहीं है कि बिना फार्मसिस्ट ही मेडिकल स्टोर चलाए जा रहे हों। फार्मसिस्ट के अपने सहयोगी होते हैं जो फार्मसिस्ट की देखरेख में ही दवा देते हैं। किसी भी क्षेत्र में अनियमितता मिलने पर विभाग को सूचना दी जा सकती है। निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed