{"_id":"5a06f5574f1c1b156b8b5377","slug":"61510405463-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से 1.70 लाख रुपये ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से 1.70 लाख रुपये ठगी
Updated Sat, 11 Nov 2017 06:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नौकरी दिलाने के नाम पर 1.70 लाख रुपये ठगे
फरीदाबाद। नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना एनआईटी पांच निवासी तनमय दास को महंगा पड़ा। साइबर ठगों ने एयरलाइन कंपनी में अच्छा पद दिलाने के नाम पर उनसे 1.70 लाख रुपये ठग लिए और संपर्क खत्म कर दिया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने एनआईटी थाने में केस दर्ज कराया है।
मूल रूप से हुगली पश्चिम बंगाल के तनमय दास पिछले दो साल से मां के साथ फरीदाबाद में रह रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ दिन पहले उन्होंने नौकरी डॉट कॉम नाम की वेबसाइट पर अपना बायोडाटा डाला था। कुछ दिन बाद उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना परिचय जॉब स्क्वायर सर्विस से हितेश के रूप में दिया। हितेश ने बताया कि उनका बायोडाटा एक घरेलू विमानन कंपनी मेें ग्राउंड स्टाफ सुपरविजन के लिए शार्टलिस्ट हुआ है। हितेश ने उनसे दस्तावेज प्रमाणित कराने, साक्षात्कार, ट्रेनिंग की सिक्योरिटी मनी और मेडिकल बीमा आदि के नाम पर कई बार में पेटीएम के जरिए विभिन्न खातों में 1.70 लाख रुपये जमा करवाए। औपचारिकताएं पूरी होने पर हितेश ने 10 नवंबर को साक्षात्कार की तारीख दी लेकिन एक दिन पहले ही फोन बंद कर दिया। एसएचओ एनआईटी इंस्पेक्टर मित्रपाल ने बताया कि धोखाधड़ी आदि की धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही ठग को पकड़ा जाएगा।
फरीदाबाद। नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना एनआईटी पांच निवासी तनमय दास को महंगा पड़ा। साइबर ठगों ने एयरलाइन कंपनी में अच्छा पद दिलाने के नाम पर उनसे 1.70 लाख रुपये ठग लिए और संपर्क खत्म कर दिया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने एनआईटी थाने में केस दर्ज कराया है।
मूल रूप से हुगली पश्चिम बंगाल के तनमय दास पिछले दो साल से मां के साथ फरीदाबाद में रह रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ दिन पहले उन्होंने नौकरी डॉट कॉम नाम की वेबसाइट पर अपना बायोडाटा डाला था। कुछ दिन बाद उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना परिचय जॉब स्क्वायर सर्विस से हितेश के रूप में दिया। हितेश ने बताया कि उनका बायोडाटा एक घरेलू विमानन कंपनी मेें ग्राउंड स्टाफ सुपरविजन के लिए शार्टलिस्ट हुआ है। हितेश ने उनसे दस्तावेज प्रमाणित कराने, साक्षात्कार, ट्रेनिंग की सिक्योरिटी मनी और मेडिकल बीमा आदि के नाम पर कई बार में पेटीएम के जरिए विभिन्न खातों में 1.70 लाख रुपये जमा करवाए। औपचारिकताएं पूरी होने पर हितेश ने 10 नवंबर को साक्षात्कार की तारीख दी लेकिन एक दिन पहले ही फोन बंद कर दिया। एसएचओ एनआईटी इंस्पेक्टर मित्रपाल ने बताया कि धोखाधड़ी आदि की धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही ठग को पकड़ा जाएगा।
विज्ञापन