{"_id":"5b43770b4f1c1bc3248b543e","slug":"11531148043-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम की जल मूल्य शाखा का लिपिक बर्खास्त","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नगर निगम की जल मूल्य शाखा का लिपिक बर्खास्त
Updated Mon, 09 Jul 2018 08:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नगर निगम की जल मूल्य शाखा का लिपिक बर्खास्त
फरीदाबाद। नगर निगम की जल मूूल्य शाखा के लिपिक संजय कुमार हसीजा को निगम आयुक्त मो. शाईन ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। संजय कुमार हसीजा को जल माफिया से सांठगांठ कर निगम को राजस्व हानि पहुंचाने, पानी आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवा बाधित कर जनता में सरकार और निगम की साख खराब करने का दोषी करार दिया गया। निगम आयुक्त ने बताया कि पानी चोरी और जल माफिया से सांठगांठ की विस्तृत जांच कराएंगे। इसमें दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर को जलापूर्ति के नगर निगम के काफी प्रयास के बावजूद उपभोक्ता तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने की शिकायत पर निगम आयुक्त ने जून माह में जांच अभियान चलाया था। 22 जून को संयुक्त आयुक्त, कार्यकारी अभियंता और जूनियर इंजीनियर की टीम ने एनआईटी में अभियान चलाकर शुभम टावर, महालक्ष्मी होटल, रोनाल्ड रेस्टोरेंट और होटल अभिनंदन में पानी चोरी पकड़ी थी। मामले की विस्तृत जांच कराई गई। इसमें जल मूल्य शाखा में तैनात लिपिक संजय कुमार हसीजा की भूमिका गड़बड़ पाई गई। जांच में पाया गया कि संजय कुमार ने जानबूझ कर जलकर नहीं लगाया या बिल ही नहीं जारी किए। उन्होंने पानी माफिया और अराजकतत्वों से गठजोड़ कर गलत ढंग से कमाई की। संजय हसीजा के खिलाफ कई बार जांच बैठाई गई लेकिन हर बार जांच अधिकारियों ने कोई बिंदु अटका कर आरोपी को अपना बचाव करने का समय दिया। जनता को दिया जाने वाला पानी गलत ढंग से माफिया को पहुंचाया गया और फिर उससे खरीद कर जनता को दिया गया। इस तरह नगर निगम को वित्तीय हानि पहुंचाई गई। निगम आयुक्त के इसमें जरा भी शक नहीं है कि संजय हसीजा ने भ्रष्ट आचरण कर न सिर्फ जनता की आवश्यक सेवाओं में बाधा खड़ी की बल्कि जल माफिया से गठजोड़ कर अवैध कमाई की, उनके इस कृत्य से निगम और सरकार की छवि धूमिल हो रही थी। उनकी बर्खास्तगी निगम के अन्य कर्मचारियों के लिए सीख होगी।
फरीदाबाद। नगर निगम की जल मूूल्य शाखा के लिपिक संजय कुमार हसीजा को निगम आयुक्त मो. शाईन ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। संजय कुमार हसीजा को जल माफिया से सांठगांठ कर निगम को राजस्व हानि पहुंचाने, पानी आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवा बाधित कर जनता में सरकार और निगम की साख खराब करने का दोषी करार दिया गया। निगम आयुक्त ने बताया कि पानी चोरी और जल माफिया से सांठगांठ की विस्तृत जांच कराएंगे। इसमें दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर को जलापूर्ति के नगर निगम के काफी प्रयास के बावजूद उपभोक्ता तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने की शिकायत पर निगम आयुक्त ने जून माह में जांच अभियान चलाया था। 22 जून को संयुक्त आयुक्त, कार्यकारी अभियंता और जूनियर इंजीनियर की टीम ने एनआईटी में अभियान चलाकर शुभम टावर, महालक्ष्मी होटल, रोनाल्ड रेस्टोरेंट और होटल अभिनंदन में पानी चोरी पकड़ी थी। मामले की विस्तृत जांच कराई गई। इसमें जल मूल्य शाखा में तैनात लिपिक संजय कुमार हसीजा की भूमिका गड़बड़ पाई गई। जांच में पाया गया कि संजय कुमार ने जानबूझ कर जलकर नहीं लगाया या बिल ही नहीं जारी किए। उन्होंने पानी माफिया और अराजकतत्वों से गठजोड़ कर गलत ढंग से कमाई की। संजय हसीजा के खिलाफ कई बार जांच बैठाई गई लेकिन हर बार जांच अधिकारियों ने कोई बिंदु अटका कर आरोपी को अपना बचाव करने का समय दिया। जनता को दिया जाने वाला पानी गलत ढंग से माफिया को पहुंचाया गया और फिर उससे खरीद कर जनता को दिया गया। इस तरह नगर निगम को वित्तीय हानि पहुंचाई गई। निगम आयुक्त के इसमें जरा भी शक नहीं है कि संजय हसीजा ने भ्रष्ट आचरण कर न सिर्फ जनता की आवश्यक सेवाओं में बाधा खड़ी की बल्कि जल माफिया से गठजोड़ कर अवैध कमाई की, उनके इस कृत्य से निगम और सरकार की छवि धूमिल हो रही थी। उनकी बर्खास्तगी निगम के अन्य कर्मचारियों के लिए सीख होगी।
विज्ञापन