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लापरवाही या खौफ : पुलिस ने पॉस्को को बनाया मजाक
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:11 PM IST
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मासूम पर पॉक्सो: खौफ में है खाकी या बरती लापरवाही
फरीदाबाद। दुष्कर्म की बढ़ती वारदात को लेकर देश भर में उठ रहे राजनीतिक भूचाल से खौफजदा खाकी इस कदर लापरवाह हो गई है कि गंभीर धारा में एफआईआर दर्ज करने से पहले यह जानना भी मुनासिब नहीं समझा कि आरोपी की उम्र क्या है। साढ़े तीन साल के आरोपी को देखकर खिसियाई थाना पुलिस अब मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर इसे खत्म करने की तैयारी कर रही है। उधर, साढ़े तीन साल के बच्चे पर लगाई गई गंभीर धाराओं के बाद कानूनविद् भी हैरान हैं।
बच्ची की मां ने बुधवार शाम को सूरजकुंड थाना में बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका जताते हुए शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने मामले में बिना जांच पड़ताल मुकदमा दर्ज कर लिया। अब इसे पुलिस कर लापरवाही समझें कि मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस ने यह भी जांच करना उचित नहीं समझा कि जिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं, आखिर वह छात्र किस उम्र का है और तुरंत ही मामला दर्ज कर लिया गया। वहीं इसमें पुलिस का खौफ भी साफ झलक रहा है। जम्मू और उन्नाव में बच्चियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटनाओं के बाद से देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। एक दिन पहले ही थाना सारन क्षेत्र में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर बुधवार को विरोध प्रदर्शन से पुलिस घबराई हुई थी कि कहीं यह मामला भी समाचारों की सुर्खियां न बन जाए। ऐसे में पुलिस शायद बच्ची के साथ दुष्कर्म की शिकायत पर कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती थी और शिकायत के तुरंत बाद मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, बृहस्पतिवार को पुलिस जांच के लिए स्कूल पहुंची और उसके सामने सारी सच्चाई आई तो खुद जांच अधिकारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। अब पुलिस इस मामले में अपनी किरकिरी बचाने के लिए अंतिम रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर रही है।
कोट
भारतीय दंड संहिता की धारा 82 के कहती है कि सात साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी अपराध के लिए आरोपी नहीं बनाया जा सकता है, जबकि धारा 83 के तहत सात से 12 साल तक के बच्चे के हाथों कोई अपराध हो जाता है तब उसकी मंशा देखी जाती है। साढे़ तीन साल के बच्चे को पॉक्सो की धारा के तहत पुलिस ने किस आधार पर आरोपी बना दिया, यह समझ से परे है।
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- रविंद्र गुप्ता, अधिवक्ता
बच्ची की मां की शिकायत आई थी और उसमें बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका जताई गई थी। चूंकि शिकायत अज्ञात के खिलाफ थी। ऐसे में आरोपी की उम्र का उस समय पता नहीं चल पाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उस पर तुरंत कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज किया गया।
- विशाल कुमार, थाना सूरजकुंड प्रभारी
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फरीदाबाद। दुष्कर्म की बढ़ती वारदात को लेकर देश भर में उठ रहे राजनीतिक भूचाल से खौफजदा खाकी इस कदर लापरवाह हो गई है कि गंभीर धारा में एफआईआर दर्ज करने से पहले यह जानना भी मुनासिब नहीं समझा कि आरोपी की उम्र क्या है। साढ़े तीन साल के आरोपी को देखकर खिसियाई थाना पुलिस अब मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर इसे खत्म करने की तैयारी कर रही है। उधर, साढ़े तीन साल के बच्चे पर लगाई गई गंभीर धाराओं के बाद कानूनविद् भी हैरान हैं।
बच्ची की मां ने बुधवार शाम को सूरजकुंड थाना में बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका जताते हुए शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने मामले में बिना जांच पड़ताल मुकदमा दर्ज कर लिया। अब इसे पुलिस कर लापरवाही समझें कि मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस ने यह भी जांच करना उचित नहीं समझा कि जिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं, आखिर वह छात्र किस उम्र का है और तुरंत ही मामला दर्ज कर लिया गया। वहीं इसमें पुलिस का खौफ भी साफ झलक रहा है। जम्मू और उन्नाव में बच्चियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटनाओं के बाद से देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। एक दिन पहले ही थाना सारन क्षेत्र में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर बुधवार को विरोध प्रदर्शन से पुलिस घबराई हुई थी कि कहीं यह मामला भी समाचारों की सुर्खियां न बन जाए। ऐसे में पुलिस शायद बच्ची के साथ दुष्कर्म की शिकायत पर कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती थी और शिकायत के तुरंत बाद मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, बृहस्पतिवार को पुलिस जांच के लिए स्कूल पहुंची और उसके सामने सारी सच्चाई आई तो खुद जांच अधिकारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। अब पुलिस इस मामले में अपनी किरकिरी बचाने के लिए अंतिम रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर रही है।
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भारतीय दंड संहिता की धारा 82 के कहती है कि सात साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी अपराध के लिए आरोपी नहीं बनाया जा सकता है, जबकि धारा 83 के तहत सात से 12 साल तक के बच्चे के हाथों कोई अपराध हो जाता है तब उसकी मंशा देखी जाती है। साढे़ तीन साल के बच्चे को पॉक्सो की धारा के तहत पुलिस ने किस आधार पर आरोपी बना दिया, यह समझ से परे है।
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- रविंद्र गुप्ता, अधिवक्ता
बच्ची की मां की शिकायत आई थी और उसमें बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका जताई गई थी। चूंकि शिकायत अज्ञात के खिलाफ थी। ऐसे में आरोपी की उम्र का उस समय पता नहीं चल पाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उस पर तुरंत कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज किया गया।
- विशाल कुमार, थाना सूरजकुंड प्रभारी