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40 लाख से अधिक की अद्योमानक सिगरेट बरामद
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फरीदबाद डबुआ पुलिस ने सिगरेट भरी पेटियों को अपने कब्जे में लिया ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। डबुआ थाना क्षेत्र के पाली-डबुआ रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक तंबाकू निर्मित उत्पाद बनाने वाली फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। करीब एक घंटे की कार्रवाई के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों के बीच हड़कंप मचा रहा। डर से कई लोगों ने अपनी फैक्टरी समय से पहले बंद कर दिया या मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इधर पुलिस व एनजीओ की टीम ने लाखों रुपये मूल्य के करीब 37200 डिब्बे महंगे सिगरेट बरामद करने का दावा किया है। जिसकी कुल कीमत करीब 40 लाख से भी अधिक बताई जा रही है।
इन पर जागरूकता के लिए वैद्यानिक चेतावनी नहीं छपी थी। जब्त सिगरेट में डीजे अरूम ब्लैक,पाइन, ईएसएस लाइट सिगरेट, ई-10 सिगरेट बरामद की है। हालांकि डबुआ थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि जांच में सिर्फ ई-10 सिगरेट की डिब्बी में खामी मिली है। जिसे जब्त किया गया है। पुलिस फैक्टरी के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
दिल्ली की एनजीओ वी-केयर फाउंडेशन के पदाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि उनकी संस्था मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति, निर्माण व उपयोग की रोकथाम की दिशा में काम करती है। एनजीओ को करीब दो माह पहले पाली-डबुआ रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र स्थित निधि टोबैको कंपनी के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसके बाद ग्राहक बन कर एनजीओ के पदाधिकारी फैक्टरी में पहुंचे। जहां उन्हें फुटकर में सिगरेट देने से मना कर दिया। फैक्टरी कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि इनकी आपूर्ति विदेशों में होती है, इसलिए स्थानीय बाजार में इसे नहीं बेच सकते। इसके बाद एनजीओ ने थोक में सिगरेट लेने का ऑफर दे दिया।
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एनजीओ के पदाधिकारी ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ औषधि नियंत्रक अधिकारी करण गोदारा व पुलिस के साथ मिल कर सोमवार शाम करीब चार बजे फैक्टरी पर छापा मारा। जहां से भारी मात्रा में पैक सिगरेट, अर्द्धनिर्मित सिगरेट बरामद किया गया। जिसे बिना वैधानिक चेतावनी के सिगरेट का निर्माण व सप्लाई की जा रही थी। पुलिस ने सिगरेट जब्त कर कोटपा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एनजीओ के अनिल कुमार ने बताया कि एक डिब्बी सिगरेट की कीमत करीब 116 रुपये हैं। करण गोदारा ने बताया कि सिगरेट वितरण से पहले सिगरेट की डिब्बी के ऊपर वैधानिक चेतावनी चित्रों सहित छापने आवश्यक है। इसी कानूनी अवहेलना के चलते निधि दवा टोबेको फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस फैक्टरी के खिलाफ करीब नौ माह पहले अप्रैल 2019 में भी कार्रवाई कर पुलिस ने भारी मात्रा में सिगरेट बरामद किया था।
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इन पर जागरूकता के लिए वैद्यानिक चेतावनी नहीं छपी थी। जब्त सिगरेट में डीजे अरूम ब्लैक,पाइन, ईएसएस लाइट सिगरेट, ई-10 सिगरेट बरामद की है। हालांकि डबुआ थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि जांच में सिर्फ ई-10 सिगरेट की डिब्बी में खामी मिली है। जिसे जब्त किया गया है। पुलिस फैक्टरी के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
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दिल्ली की एनजीओ वी-केयर फाउंडेशन के पदाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि उनकी संस्था मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति, निर्माण व उपयोग की रोकथाम की दिशा में काम करती है। एनजीओ को करीब दो माह पहले पाली-डबुआ रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र स्थित निधि टोबैको कंपनी के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसके बाद ग्राहक बन कर एनजीओ के पदाधिकारी फैक्टरी में पहुंचे। जहां उन्हें फुटकर में सिगरेट देने से मना कर दिया। फैक्टरी कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि इनकी आपूर्ति विदेशों में होती है, इसलिए स्थानीय बाजार में इसे नहीं बेच सकते। इसके बाद एनजीओ ने थोक में सिगरेट लेने का ऑफर दे दिया।
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एनजीओ के पदाधिकारी ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ औषधि नियंत्रक अधिकारी करण गोदारा व पुलिस के साथ मिल कर सोमवार शाम करीब चार बजे फैक्टरी पर छापा मारा। जहां से भारी मात्रा में पैक सिगरेट, अर्द्धनिर्मित सिगरेट बरामद किया गया। जिसे बिना वैधानिक चेतावनी के सिगरेट का निर्माण व सप्लाई की जा रही थी। पुलिस ने सिगरेट जब्त कर कोटपा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एनजीओ के अनिल कुमार ने बताया कि एक डिब्बी सिगरेट की कीमत करीब 116 रुपये हैं। करण गोदारा ने बताया कि सिगरेट वितरण से पहले सिगरेट की डिब्बी के ऊपर वैधानिक चेतावनी चित्रों सहित छापने आवश्यक है। इसी कानूनी अवहेलना के चलते निधि दवा टोबेको फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस फैक्टरी के खिलाफ करीब नौ माह पहले अप्रैल 2019 में भी कार्रवाई कर पुलिस ने भारी मात्रा में सिगरेट बरामद किया था।