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ढाई महीने बाद खुली अदालतें, मामलों की सुनवाई शुरू
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फरीदाबाद। करीब ढाई महीने से बंद पड़ी अदालतों में बृहस्पतिवार से सुनवाई शुरू हो गई। पहला दिन होने के कारण अदालतों में कम लोग ही पहुंचे। कोरोना नियमों के कारण अदालतों में भीड़ कम करने के लिए हाईकोर्ट ने सुनवाई से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके आधार पर ही मामलों की सुनवाई होगी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की तरफ से बताया गया है कि जिन मामलों में आरोपी छह महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है या जो आपराधिक मामले एक साल से अधिक समय से सत्र न्यायालय में विचाराधीन हैं। उनमें सुनवाई शुरू होगी। जुवेनाइल जस्टिस से संबंधित मामलों में नियमित सुनवाई होगी। दो साल पुराने मोटर वाहन क्लेम से संबंधित मामले, वैवाहिक मामले, तीन साल से पुराने सिविल मामले, सुपरदारी, मोटर वाहन अधिनियम के चालान, जिनमें वाहन जब्त किया गया है, जमानत से संबंधित मुकदमों की नियमित रूप से सुनवाई होगी।
वहीं, विचाराधीन कैदियों की अदालतों में केवल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये ही पेशी होगी। यदि किसी मामले में विचाराधीन कैदी को अदालत में पेश करना जरूरी है तो इसके लिए अदालत आदेश जारी करेगी। सुनवाई के दौरान अदालतों में केवल वकील और उनके क्लर्क को ही प्रवेश दिया जाएगा।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश की तरफ से बताया गया है कि जिन मामलों में आरोपी छह महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है या जो आपराधिक मामले एक साल से अधिक समय से सत्र न्यायालय में विचाराधीन हैं। उनमें सुनवाई शुरू होगी। जुवेनाइल जस्टिस से संबंधित मामलों में नियमित सुनवाई होगी। दो साल पुराने मोटर वाहन क्लेम से संबंधित मामले, वैवाहिक मामले, तीन साल से पुराने सिविल मामले, सुपरदारी, मोटर वाहन अधिनियम के चालान, जिनमें वाहन जब्त किया गया है, जमानत से संबंधित मुकदमों की नियमित रूप से सुनवाई होगी।
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वहीं, विचाराधीन कैदियों की अदालतों में केवल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये ही पेशी होगी। यदि किसी मामले में विचाराधीन कैदी को अदालत में पेश करना जरूरी है तो इसके लिए अदालत आदेश जारी करेगी। सुनवाई के दौरान अदालतों में केवल वकील और उनके क्लर्क को ही प्रवेश दिया जाएगा।
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