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कोरोना वैक्सीन : सीरिंज के उत्पादन में आई तेजी
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कोरोना वैक्सीन : सीरिंज के उत्पादन में आई तेजी
फरीदाबाद (धनंजय चौहान)। देश में कोरोना वैक्सीन जल्द आने की तैयारी के बाद सिरिंज की मांग में बढ़ोतरी हुई है। कोवैक्सीन लगाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को 0.5 एमएल की डोज दी जानी है। इसके लिए एक से दो एमएल डोज वाली सीरिंज बनाई जा रही हैं। देश के साथ ही विदेशों से भी स्थानीय कंपनियों को सीरिंज कंपनियों में उत्पादन तेज कर दिया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। फरीदाबाद की विभिन्न नामचीन कंपनियों में तैयार हो रही सीरिंज देश में सप्लाई के साथ ही यूरोप, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, दुबई, सूडान आदि देशों में एक्सपोर्ट की जाती है।
विश्व स्तरीय कई बड़ी कंपनियां हैं फरीदाबाद में
कोरोना महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन का ट्रायल तेजी से चल रहा है। इसके लिए जरूरी वैक्सीन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सीरिंज निर्माता कंपनियां इन दिनों तेजी से उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है। फरीदाबाद में सीरिंज बनाने वाली विश्व की कई बड़ी कंपनियां है। इनमें हिन्दुस्तान सिरिंजेज एंड मेडिकल डिवाइस लिमिटेड (एचएमडी) का नाम सबसे पहले आता है। इसके साथ ही डिस्पोवेन, बायोमेड, डिस्पोसेफ और हील केयर आदि बड़े नाम शामिल है। इन कंपनियों को वैक्सीन सिरिंज के लिए विदेशी ऑर्डर भी मिलने लगे हैं।
पहले चरण के लिए 800 से 1000 करोड़ सीरिंज
ऑल इंडिया सिरिंज एंड निडल्स मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन (एआईएमईडी) के अध्यक्ष व एचएमडी के एमडी राजीव नाथ के अनुसार कोरोना वैक्सीन को देने के लिए 0.5 एमएल सीरिंज की आवश्यकता होगी। एसोसिएशन के अनुमान के मुताबिक विश्व की 60 फीसदी आबादी को वैक्सीन देने के लिए कम से कम पहले ही चरण में 800-1000 करोड़ सिरिंज की उपलब्धता रखनी होगी।
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देश में एक शॉट के लिए चाहिए 90 करोड़ सीरिंज
देश में ही वैक्सीन के एक शॉट के लिए 90 करोड़ सीरिंज की जरूरत पड़ सकती है और दो शॉट के लिए लगभग दो सौ करोड़ सिरिंज की आवश्यकता होगी। यही वजह है कि भारत की सिरिंज निर्माता कंपनियां तेजी से अपनी क्षमता का विस्तार कर रही हैं। इस क्षमता विस्तार में कंपनियां करोड़ों रुपये निवेश भी कर रही हैं। जिले की सिरिंज निर्माता कंपनियां में सिरिंज उत्पादन में तेजी आई है। सेक्टर-25 स्थित हील हेल्थ केयर कंपनी के निदेशक राधे श्याम ने कहा कि वैक्सीन आने की सुगबुगाहट के बाद से सीरिंज उत्पादन में तेजी आई है। नए ऑर्डर मिल रहे है। इससे उत्पादन क्षमता 20 से 30 फीसदी बढ़ गई है।
कंपनी संचालकों से बातचीत
पहले कंपनी में प्रति घंटे 70 हजार सीरिंज बनाई जाती थी। अब एक लाख बनाई जा रही है। इस कंपनी को भारत सरकार से 17 करोड़ कोवैक्स सिरिंज सप्लाई का ऑर्डर मिला है। इसका 60 फीसदी ऑर्डर तैयार हो चुका है। वहीं मार्च तक सभी की आपूर्ति हो जाएगी। कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सीरिंज की मांग यूनिसेफ से भी आई है। एचएमडी यूनिसेफ को कोवोक्स के लिए लगभग 10 करोड़ सीरिंज भेज चुकी है।
राजीव नाथ, एमडी, एचएमडी
वैक्सीन की डोज देने के लिए सीरिंज की उत्पादन क्षमता बढ़ी है। कोविड संक्रमण काल से पहले कंपनी में प्रतिमाह लगभग आठ से 10 लाख सिरिंज का उत्पादन होता था। वह अब बढ़कर 12 से 15 लाख पहुंच गया है। कई देशों से सिरिंज के ऑर्डर आ रहे हैं। इसलिए उत्पादन क्षमता को बढ़ा दिया गया है। कंपनी एक्सपोर्ट ज्यादा करती है। यूरोप, अमेरिका, दक्षिण अफरीका, दुबई, सुडान इत्यादि देशों में सिरिंज एक्सपोर्ट की जाती है।
-सुरेश खुराना, डीजीएम, बायोमेड हेल्थ केयर प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड
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फरीदाबाद (धनंजय चौहान)। देश में कोरोना वैक्सीन जल्द आने की तैयारी के बाद सिरिंज की मांग में बढ़ोतरी हुई है। कोवैक्सीन लगाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को 0.5 एमएल की डोज दी जानी है। इसके लिए एक से दो एमएल डोज वाली सीरिंज बनाई जा रही हैं। देश के साथ ही विदेशों से भी स्थानीय कंपनियों को सीरिंज कंपनियों में उत्पादन तेज कर दिया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। फरीदाबाद की विभिन्न नामचीन कंपनियों में तैयार हो रही सीरिंज देश में सप्लाई के साथ ही यूरोप, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, दुबई, सूडान आदि देशों में एक्सपोर्ट की जाती है।
विश्व स्तरीय कई बड़ी कंपनियां हैं फरीदाबाद में
कोरोना महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन का ट्रायल तेजी से चल रहा है। इसके लिए जरूरी वैक्सीन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सीरिंज निर्माता कंपनियां इन दिनों तेजी से उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है। फरीदाबाद में सीरिंज बनाने वाली विश्व की कई बड़ी कंपनियां है। इनमें हिन्दुस्तान सिरिंजेज एंड मेडिकल डिवाइस लिमिटेड (एचएमडी) का नाम सबसे पहले आता है। इसके साथ ही डिस्पोवेन, बायोमेड, डिस्पोसेफ और हील केयर आदि बड़े नाम शामिल है। इन कंपनियों को वैक्सीन सिरिंज के लिए विदेशी ऑर्डर भी मिलने लगे हैं।
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पहले चरण के लिए 800 से 1000 करोड़ सीरिंज
ऑल इंडिया सिरिंज एंड निडल्स मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन (एआईएमईडी) के अध्यक्ष व एचएमडी के एमडी राजीव नाथ के अनुसार कोरोना वैक्सीन को देने के लिए 0.5 एमएल सीरिंज की आवश्यकता होगी। एसोसिएशन के अनुमान के मुताबिक विश्व की 60 फीसदी आबादी को वैक्सीन देने के लिए कम से कम पहले ही चरण में 800-1000 करोड़ सिरिंज की उपलब्धता रखनी होगी।
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देश में एक शॉट के लिए चाहिए 90 करोड़ सीरिंज
देश में ही वैक्सीन के एक शॉट के लिए 90 करोड़ सीरिंज की जरूरत पड़ सकती है और दो शॉट के लिए लगभग दो सौ करोड़ सिरिंज की आवश्यकता होगी। यही वजह है कि भारत की सिरिंज निर्माता कंपनियां तेजी से अपनी क्षमता का विस्तार कर रही हैं। इस क्षमता विस्तार में कंपनियां करोड़ों रुपये निवेश भी कर रही हैं। जिले की सिरिंज निर्माता कंपनियां में सिरिंज उत्पादन में तेजी आई है। सेक्टर-25 स्थित हील हेल्थ केयर कंपनी के निदेशक राधे श्याम ने कहा कि वैक्सीन आने की सुगबुगाहट के बाद से सीरिंज उत्पादन में तेजी आई है। नए ऑर्डर मिल रहे है। इससे उत्पादन क्षमता 20 से 30 फीसदी बढ़ गई है।
कंपनी संचालकों से बातचीत
पहले कंपनी में प्रति घंटे 70 हजार सीरिंज बनाई जाती थी। अब एक लाख बनाई जा रही है। इस कंपनी को भारत सरकार से 17 करोड़ कोवैक्स सिरिंज सप्लाई का ऑर्डर मिला है। इसका 60 फीसदी ऑर्डर तैयार हो चुका है। वहीं मार्च तक सभी की आपूर्ति हो जाएगी। कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सीरिंज की मांग यूनिसेफ से भी आई है। एचएमडी यूनिसेफ को कोवोक्स के लिए लगभग 10 करोड़ सीरिंज भेज चुकी है।
राजीव नाथ, एमडी, एचएमडी
वैक्सीन की डोज देने के लिए सीरिंज की उत्पादन क्षमता बढ़ी है। कोविड संक्रमण काल से पहले कंपनी में प्रतिमाह लगभग आठ से 10 लाख सिरिंज का उत्पादन होता था। वह अब बढ़कर 12 से 15 लाख पहुंच गया है। कई देशों से सिरिंज के ऑर्डर आ रहे हैं। इसलिए उत्पादन क्षमता को बढ़ा दिया गया है। कंपनी एक्सपोर्ट ज्यादा करती है। यूरोप, अमेरिका, दक्षिण अफरीका, दुबई, सुडान इत्यादि देशों में सिरिंज एक्सपोर्ट की जाती है।
-सुरेश खुराना, डीजीएम, बायोमेड हेल्थ केयर प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड