{"_id":"6a3548e6e7920fcb580e35ea","slug":"complaint-regarding-assault-on-a-doctor-at-esic-hospital-submitted-to-the-dean-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-72813-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: ईएसआईसी अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट मामले में डीन को सौंपी शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: ईएसआईसी अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट मामले में डीन को सौंपी शिकायत
विज्ञापन
ओपीडी में हुए विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल, जांच शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ऑर्थोपेडिक ओपीडी में बृहस्पतिवार को डॉक्टर और मरीज पक्ष के बीच हुए विवाद के मामले में नया अपडेट सामने आया है। हड्डी रोग विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. मैनाक मंडल ने घटना को लेकर अस्पताल के डीन को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा ओपीडी में भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था बेहतर करने की मांग भी की गई है।
डॉ. मैनाक मंडल ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे वह ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। इसी दौरान एक मरीज कथित रूप से लाइन तोड़कर सीधे उनके कक्ष में पहुंच गया और तत्काल उपचार की मांग करने लगा। डॉक्टर द्वारा उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कहने पर विवाद शुरू हो गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मरीज ने अपने बेटे को बुला लिया, जिसके बाद दोनों ने वहां हंगामा करना शुरू कर दिया।डॉक्टर का आरोप है कि मरीज पक्ष ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और हाथ पकड़कर खींचा गया, जिससे उनके हाथ और उंगली में चोट आई। बीच-बचाव करने पहुंचे एक अन्य डॉक्टर को भी स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
वहीं, मरीज पक्ष का आरोप है कि वे सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे और लाइन में लगे अन्य मरीजों से पहले किसी व्यक्ति को अंदर भेजे जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि इसी बात को लेकर डॉक्टर और तीमारदारों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। डीन को भेजी गई शिकायत में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ऑर्थोपेडिक ओपीडी में बृहस्पतिवार को डॉक्टर और मरीज पक्ष के बीच हुए विवाद के मामले में नया अपडेट सामने आया है। हड्डी रोग विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. मैनाक मंडल ने घटना को लेकर अस्पताल के डीन को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा ओपीडी में भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था बेहतर करने की मांग भी की गई है।
डॉ. मैनाक मंडल ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे वह ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। इसी दौरान एक मरीज कथित रूप से लाइन तोड़कर सीधे उनके कक्ष में पहुंच गया और तत्काल उपचार की मांग करने लगा। डॉक्टर द्वारा उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कहने पर विवाद शुरू हो गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मरीज ने अपने बेटे को बुला लिया, जिसके बाद दोनों ने वहां हंगामा करना शुरू कर दिया।डॉक्टर का आरोप है कि मरीज पक्ष ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और हाथ पकड़कर खींचा गया, जिससे उनके हाथ और उंगली में चोट आई। बीच-बचाव करने पहुंचे एक अन्य डॉक्टर को भी स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
विज्ञापन
वहीं, मरीज पक्ष का आरोप है कि वे सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे और लाइन में लगे अन्य मरीजों से पहले किसी व्यक्ति को अंदर भेजे जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि इसी बात को लेकर डॉक्टर और तीमारदारों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। डीन को भेजी गई शिकायत में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन