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Faridabad News: सह-आरोपी को पहले ही जमानत, गवाही पूरी होने पर आरोपी को भी मिली राहत
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ट्रायल लंबा चलने की संभावना और कोई अन्य आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने को भी अदालत ने माना आधार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वाहन लूटने के प्रयास के मामले में करीब 11 महीने से जेल में बंद आरोपी विमल उर्फ सुभाष को अदालत ने नियमित जमानत दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने जमानत देते हुए माना कि मामले में आरोप तय हो चुके हैं और शिकायतकर्ता गौरव जैन व उसके भाई दिव्यांशु जैन की गवाही भी पूरी हो चुकी है।
ऐसे में आरोपी के आगे जेल में रहने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि सह-आरोपी अक्षय राय को 25 अगस्त को इसी अदालत से नियमित जमानत मिल चुकी है। आरोपी का कोई अन्य आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने नहीं आया है। पुलिस के अनुसार, 27 अक्तूबर 2025 की रात गौरव जैन रैपिडो के जरिये बुक हुई सवारी लेकर सेक्टर-88 जा रहा था। सेक्टर-29 फ्लाईओवर पर पहुंचने पर सह-आरोपी अक्षय राय ने कथित तौर पर उसकी गर्दन पर चाकू लगा दिया, जबकि विमल ने उसका हाथ पकड़ लिया। शोर मचाने पर राहगीर मौके पर जुट गए, जिसके बाद दोनों आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जांच पूरी करने के बाद अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी थी। विमल 31 अक्तूबर 2025 से न्यायिक हिरासत में था। अदालत ने उसे एक लाख रुपये के जमानती मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वाहन लूटने के प्रयास के मामले में करीब 11 महीने से जेल में बंद आरोपी विमल उर्फ सुभाष को अदालत ने नियमित जमानत दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने जमानत देते हुए माना कि मामले में आरोप तय हो चुके हैं और शिकायतकर्ता गौरव जैन व उसके भाई दिव्यांशु जैन की गवाही भी पूरी हो चुकी है।
ऐसे में आरोपी के आगे जेल में रहने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि सह-आरोपी अक्षय राय को 25 अगस्त को इसी अदालत से नियमित जमानत मिल चुकी है। आरोपी का कोई अन्य आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने नहीं आया है। पुलिस के अनुसार, 27 अक्तूबर 2025 की रात गौरव जैन रैपिडो के जरिये बुक हुई सवारी लेकर सेक्टर-88 जा रहा था। सेक्टर-29 फ्लाईओवर पर पहुंचने पर सह-आरोपी अक्षय राय ने कथित तौर पर उसकी गर्दन पर चाकू लगा दिया, जबकि विमल ने उसका हाथ पकड़ लिया। शोर मचाने पर राहगीर मौके पर जुट गए, जिसके बाद दोनों आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जांच पूरी करने के बाद अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी थी। विमल 31 अक्तूबर 2025 से न्यायिक हिरासत में था। अदालत ने उसे एक लाख रुपये के जमानती मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया।
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