{"_id":"6aca8f6f1e66cf566e0db345","slug":"closure-of-heart-center-causes-inconvenience-to-patients-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-82340-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: हार्ट सेंटर बंद होने से मरीजों को परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: हार्ट सेंटर बंद होने से मरीजों को परेशानी
विज्ञापन
इलाज के लिए निजी अस्पतालों और दिल्ली का रुख करना पड़ रहा है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल में हृदय रोगियों को सस्ती दरों पर इलाज उपलब्ध कराने वाला हार्ट सेंटर करीब डेढ़ महीने से बंद है। इसके कारण मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों और दिल्ली का रुख करना पड़ रहा है। हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को इससे आर्थिक परेशानी के साथ समय की बर्बादी भी झेलनी पड़ रही है।
सरकारी अस्पताल में कम खर्च पर उपचार की सुविधा बंद होने से जरूरतमंद मरीजों के सामने इलाज का विकल्प चुनना मुश्किल हो गया है। बीके अस्पताल में हार्ट सेंटर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत मेडिट्रिना कंपनी संचालित कर रही थी। यहां मरीजों को हृदय संबंधी जांच और उपचार की सुविधाएं मिल रही थीं। जानकारी के अनुसार, कंपनी का करीब 8.50 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी ने अपनी सेवाएं बंद कर दीं। इसके बाद से मरीजों को दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
नई कंपनी की तलाश, अभी नहीं मिला विकल्प
हार्ट सेंटर को दोबारा शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिट्रिना कंपनी के साथ बैठक की थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद विभाग ने दूसरी कंपनी की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक नई कंपनी नहीं मिल पाई है। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से सेंटर को दोबारा शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
वर्जन
बीके अस्पताल में हार्ट सेंटर दोबारा शुरू करने के लिए लगातार कंपनी की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उपयुक्त कंपनी नहीं मिल पाई है। विभाग का प्रयास है कि जल्द व्यवस्था कर हृदय रोगियों को फिर से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। - आरती राव, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल में हृदय रोगियों को सस्ती दरों पर इलाज उपलब्ध कराने वाला हार्ट सेंटर करीब डेढ़ महीने से बंद है। इसके कारण मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों और दिल्ली का रुख करना पड़ रहा है। हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को इससे आर्थिक परेशानी के साथ समय की बर्बादी भी झेलनी पड़ रही है।
सरकारी अस्पताल में कम खर्च पर उपचार की सुविधा बंद होने से जरूरतमंद मरीजों के सामने इलाज का विकल्प चुनना मुश्किल हो गया है। बीके अस्पताल में हार्ट सेंटर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत मेडिट्रिना कंपनी संचालित कर रही थी। यहां मरीजों को हृदय संबंधी जांच और उपचार की सुविधाएं मिल रही थीं। जानकारी के अनुसार, कंपनी का करीब 8.50 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी ने अपनी सेवाएं बंद कर दीं। इसके बाद से मरीजों को दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
विज्ञापन
नई कंपनी की तलाश, अभी नहीं मिला विकल्प
हार्ट सेंटर को दोबारा शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिट्रिना कंपनी के साथ बैठक की थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद विभाग ने दूसरी कंपनी की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक नई कंपनी नहीं मिल पाई है। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से सेंटर को दोबारा शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
वर्जन
बीके अस्पताल में हार्ट सेंटर दोबारा शुरू करने के लिए लगातार कंपनी की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उपयुक्त कंपनी नहीं मिल पाई है। विभाग का प्रयास है कि जल्द व्यवस्था कर हृदय रोगियों को फिर से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। - आरती राव, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा