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Faridabad News: डॉक्टर द्वारा दी दवा पिलाते ही बच्चे की मौत, गलत दवा देने का आरोप
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बुखार होने पर क्लीनिक पर कराई थी जांच, घर आकर पिलाई थी दवा
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव का कराया पोस्टमार्टम, कहा रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। डॉक्टर द्वारा दी गई बुखार की दवाई पिलाने से छह माह के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत दवाई देने का आरोप लगाया है। बुखार होने पर जांच के लिए पिता बच्चे को क्लीनिक ले गया था। वहां से जो दवाई मिली वह बच्चे को घर पर पिलाई गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। बच्चे को दोबारा क्लीनिक ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद आरोपी डॉक्टर व क्लीनिक के कर्मचारी फरार है। कैंप थाना पुलिस ने मृतक बच्चे के पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार के अनुसार जिला फरीदाबाद के गांव सीही सेक्टर-8 निवासी नरेश ने शिकायत दर्ज कराई है। नरेश राजीव नगर स्थित पथवारी मंदिर के समीप किराये के मकान में रहते हैं। शनिवार देर शाम को उनके छह माह के छोटे बेटे गौरव को बुखार हो गया। नरेश उसे जांच कराने के लिए राजीव नगर स्थित जीवन पॉली क्लीनिक पर ले गए। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें दवाई दे दी और घर जाकर पिलाने के लिए कहा। उसने घर आकर जैसे ही दवा पिलाई बच्चे की हालत खराब हो गई। वह तुरंत उसे लेकर वापस क्लीनिक पर पहुंए, जहां बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा गलत दवा के कारण बच्चे की मौत हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल क्लीनिक संचालक व स्टाफ फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है। दवा देने वाला डॉक्टर बीएमएस बताया जा रहा है।
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मौत के बाद डॉक्टर और क्लीनिक स्टाफ फरार
पिता ने शिकायत में कहा है कि बच्चे की तबीयत खराब होने पर वह वापस क्लीनिक पर ले गए थे, जहां उसकी सांस रुक गई। इस पर डॉक्टर ने कहा कि ऐसा तो होता रहता है। उन्होंने विरोध किया तो डॉक्टर और क्लीनिक के कर्मचारी उन्हें छोड़कर मौके से फरार हो गए। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस के आने पर भी कोई भी नहीं लौटा। इसके बाद पुलिस बच्चे को सरकारी अस्पताल ले गई। वहां के चिकित्सकों ने भी मासूम को मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव का कराया पोस्टमार्टम, कहा रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। डॉक्टर द्वारा दी गई बुखार की दवाई पिलाने से छह माह के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत दवाई देने का आरोप लगाया है। बुखार होने पर जांच के लिए पिता बच्चे को क्लीनिक ले गया था। वहां से जो दवाई मिली वह बच्चे को घर पर पिलाई गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। बच्चे को दोबारा क्लीनिक ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद आरोपी डॉक्टर व क्लीनिक के कर्मचारी फरार है। कैंप थाना पुलिस ने मृतक बच्चे के पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार के अनुसार जिला फरीदाबाद के गांव सीही सेक्टर-8 निवासी नरेश ने शिकायत दर्ज कराई है। नरेश राजीव नगर स्थित पथवारी मंदिर के समीप किराये के मकान में रहते हैं। शनिवार देर शाम को उनके छह माह के छोटे बेटे गौरव को बुखार हो गया। नरेश उसे जांच कराने के लिए राजीव नगर स्थित जीवन पॉली क्लीनिक पर ले गए। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें दवाई दे दी और घर जाकर पिलाने के लिए कहा। उसने घर आकर जैसे ही दवा पिलाई बच्चे की हालत खराब हो गई। वह तुरंत उसे लेकर वापस क्लीनिक पर पहुंए, जहां बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा गलत दवा के कारण बच्चे की मौत हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल क्लीनिक संचालक व स्टाफ फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है। दवा देने वाला डॉक्टर बीएमएस बताया जा रहा है।
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मौत के बाद डॉक्टर और क्लीनिक स्टाफ फरार
पिता ने शिकायत में कहा है कि बच्चे की तबीयत खराब होने पर वह वापस क्लीनिक पर ले गए थे, जहां उसकी सांस रुक गई। इस पर डॉक्टर ने कहा कि ऐसा तो होता रहता है। उन्होंने विरोध किया तो डॉक्टर और क्लीनिक के कर्मचारी उन्हें छोड़कर मौके से फरार हो गए। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस के आने पर भी कोई भी नहीं लौटा। इसके बाद पुलिस बच्चे को सरकारी अस्पताल ले गई। वहां के चिकित्सकों ने भी मासूम को मृत घोषित कर दिया।
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