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बकायेदारों के खिलाफ आज से सीलिंग अभियान
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फरीदाबाद। संपत्ति कर नहीं भरने वाले के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। निगम की ओर से मंगलवार से शहर में सीलिंग अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान 200 से अधिक बकायेदारों भवनों को सील किया जाएगा। इसके लिए निगम की 10 से 15 टीमों को क्षेत्र में उतारा गया है। नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने सीलिंग कार्रवाई को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।
नगर निगम के अनुसार जिले में साढ़े पांच लाख से ज्यादा भवन इकाइयां है। इनमें अनेक ऐसे भवन हैं जिन पर निगम का 50 हजार रुपये से ज्यादा का कर बकाया है। इन्हें निगम की ओर से पहले तीन बार नोटिस दिए गए हैं। सभी बकायेदारों को व्यक्तिगत रूप से भी अपना पक्ष रखने को बुलाया गया था। इसके बाद भी कोई नहीं आया। इसलिए निगम की ओर से सीलिंग का फैसला लिया गया है। हाल ही नगर निगम बजट बैठक में ये मामला जोरशोर से उठा था। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने सदन को बताया था कि नगर निगम को शहरवासियों से संपत्ति कर के रूप में 150 करोड़ रुपये से अधिक बकाया राशि लेनी है। इनमें से 200 से ज्यादा बकायेदार ऐसे हैं, जिन पर करीब 70 करोड़ रुपये लंबे समय से बकाया चल रहे हैं।
अधिकांश बकायेदारों की वर्कशॉप हैं, तो कई बकायेदारों के मकान बंद पड़े हैं। प्रदेश सरकार की ओर से 31 मार्च तक ब्याज माफी योजना चल रही है। नगर निगम की ओर से पुराने बकायेदारों को ब्याज माफी का लाभ लेते हुए राशि जमा कराने को पत्र भेजा गया था, किसी ने बकाया राशि जमा नहीं कराई। अब निगमायुक्त यशपाल यादव ने इस मुद्दे पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। मंगलवार से सभी क्षेत्रीय कर अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सीलिंग की कार्रवाई करेंगे।
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बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। लंबे समय से बकाया नहीं भरने वाले करीब 200 बकायेदारों के खिलाफ मंगलवार से सीलिंग अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
- यशपाल यादव, नगर निगम आयुक्त
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नगर निगम के अनुसार जिले में साढ़े पांच लाख से ज्यादा भवन इकाइयां है। इनमें अनेक ऐसे भवन हैं जिन पर निगम का 50 हजार रुपये से ज्यादा का कर बकाया है। इन्हें निगम की ओर से पहले तीन बार नोटिस दिए गए हैं। सभी बकायेदारों को व्यक्तिगत रूप से भी अपना पक्ष रखने को बुलाया गया था। इसके बाद भी कोई नहीं आया। इसलिए निगम की ओर से सीलिंग का फैसला लिया गया है। हाल ही नगर निगम बजट बैठक में ये मामला जोरशोर से उठा था। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने सदन को बताया था कि नगर निगम को शहरवासियों से संपत्ति कर के रूप में 150 करोड़ रुपये से अधिक बकाया राशि लेनी है। इनमें से 200 से ज्यादा बकायेदार ऐसे हैं, जिन पर करीब 70 करोड़ रुपये लंबे समय से बकाया चल रहे हैं।
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अधिकांश बकायेदारों की वर्कशॉप हैं, तो कई बकायेदारों के मकान बंद पड़े हैं। प्रदेश सरकार की ओर से 31 मार्च तक ब्याज माफी योजना चल रही है। नगर निगम की ओर से पुराने बकायेदारों को ब्याज माफी का लाभ लेते हुए राशि जमा कराने को पत्र भेजा गया था, किसी ने बकाया राशि जमा नहीं कराई। अब निगमायुक्त यशपाल यादव ने इस मुद्दे पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। मंगलवार से सभी क्षेत्रीय कर अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सीलिंग की कार्रवाई करेंगे।
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बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। लंबे समय से बकाया नहीं भरने वाले करीब 200 बकायेदारों के खिलाफ मंगलवार से सीलिंग अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
- यशपाल यादव, नगर निगम आयुक्त