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Faridabad News: अधिक उम्र में शादी से बढ़ रहे शल्य प्रसव के मामले

Tue, 15 Oct 2024 01:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2024 01:13 AM IST
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Cases of surgical delivery increasing due to marriage at older age
वर्ल्ड प्रग्नेंसी डे: जीवनशैली में बदलाव के कारण देर से बच्चे को जन्म देने की योजना बना रहीं महिलाएं
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प्रशांत चौहान
फरीदाबाद। आजकल की जीवनशैली के हिसाब से महिलाएं देरी से शादी और फिर देरी से बच्चे को जन्म देने की योजना बनातीं हैं। इस दौरान उनके गर्भवती होने की उम्र बढ़ती जाती है। ऐसे में महिलाएं की ओर से बढ़ती उम्र में बच्चे को जन्म देने की योजना बनाई जाए तो छोटी उम्र की महिलाओं के मुकाबले उनमें शल्य प्रसव या सर्जरी (सिजेरियन) की संभावना बढ़ जाती है। वहीं, इसके अलावा जिन गर्भवती महिलाओं में पहले से सिजेरियन प्रसव हो चुका है उनमें दूसरी बार गर्भवती होने पर सिजेरियन की संभावना ज्यादा होती है।

आजकल की जीवनशैली में काफी बदलाव आया है। महिलाएं 25 साल की उम्र में शादी न करके 32 साल में शादी और उसी हिसाब से बच्चे को जन्म देने की योजना बना रही हैं। उम्र बढ़ने के साथ साथ गर्भवती होने की उम्र बढ़ती जाती है। जिस कारण कम उम्र की महिलाओं की अपेक्षा उनमें गर्भवती होने पर सिजेरियन प्रसव की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आजकल की जीवनशैली की वजह से महिलाओं में होने वाली बीमारियां जैसे उच्च रक्तचाप, शुगर, डायबिटीज, थायराइड और मोटापा होने पर भी गर्भवती महिलाओं में सिजेरियन प्रसव होने की संभावना बढ़ती जा रही है। सिजेरियन प्रसव होने पर रक्त रिसाव होना, स्वास्थ्य लाभ में समय लगना, कमजोरी महसूस होना, स्तनपान कराने में दिक्कत होना, बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
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- डॉ. नीलिमा चौधरी, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, ईएसआईसी अस्पताल
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जीवनशैली में होने वाले बदलाव के कारण गर्भवती महिलाओं में सिजेरियन प्रसव ज्यादा होने लगा है क्योंकि आजकल की महिलाएं उन्मुक्त जीवनशैली जी रही हैं। वहीं, पहले की महिलाएं शारीरिक गतिविधियां ज्यादा करती थी। उनका शरीर स्वस्थ रहता था और गर्भावस्था के दौरान लीवर का दर्द भी समय से होता था लेकिन आजकल शारीरिक गतिविधि न करने से महिलाओं के शरीर में काफी बदलाव आते हैं। जिस कारण कई महिलाओं में गर्भावस्था के समय उनको लीवर का दर्द कम होता है। कई मामलों में तो लीवर का दर्द न होने पर गर्भवती महिलाओं को लीवर के दर्द की दवा दी जाती है। जिससे गर्भवती महिला को लीवर का दर्द होने के बाद उनका प्रसव कराया जा सके। इसके अलावा जिन महिलाओं का पहले से सिजेरियन प्रसव हो चुका है उनमें दूसरी बार गर्भवती होने पर सिजेरियन प्रसव होने की संभावना काफी ज्यादा होती है।
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- डॉ. अरुणा गोयल, गाइनेकोलॉजिस्ट, बीके अस्पताल
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सिजेरियन प्रसव (शल्य) से बचाव
सही समय पर बच्चे को जन्म देने की योजना बनाना, योजना बनाने से पहले अगर महिला को कोई बीमारी है जैसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, शुगर, थायराइड और अन्य प्रकार की बीमारियों को नियंत्रित करने के बाद ही बच्चे को जन्म देने का योजना बनानी चाहिए। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर से संपर्क में रहना चाहिए और समय समय पर जांच करानी चाहिए।
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