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Faridabad News: प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले में केस दर्ज
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एनआईटी तीन स्थित हैरिटेज हॉस्पिटल में गलत नस कटने से गई महिला जान
प्रसव के दौरान गलत नस कटने से महिला की मौत, केस दर्ज
एनआईटी तीन स्थित हैरिटेज हॉस्पिटल की लापरवाही से गई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रसव के दौरान गलत नस कटने के कारण गर्भवती महिला की मौत के मामले में परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं मामले की शिकायत परिजनों ने मुख्यमंत्री से भी की थी। घटना साल 2021 की है। मेडिकल बोर्ड की लंबी जांंच के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
एनआईटी-दो निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा 29 दिसंबर 2021 को पत्नी कोमल को पेट दर्ज की शिकायत पर एनआईटी तीन स्थित हेरिटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टरों ने कोमल का ऑपरेशन कर बच्चे का जन्म करा दिया। आरोप हैं वे केवल कोमल की जांच कराने गए थे। डॉक्टरों ने बिना इजाजत के लापरवाही के साथ कोमल का ऑपरेशन कर दिया। इससे कोमल की हालत बिगड़ती चली गई। उसका खून लगातार बह रहा था। अस्पताल के डॉक्टर कोमल की हालत पर काबू नहीं कर पा रहे थे। आरोप है डॉक्टरों ने आपरेशन के दौरान गलत नस काट दी थी। इस कारण कोमल के रक्त का स्राव बंद नहीं हुआ। खून बहने के कारण कोमल बेहोश हो गई। हेरिटेज अस्पताल के डॉक्टरों ने कोमल के परिजनों से कहा वह इसे सेक्टर-16 क्यूआरजी अस्पताल ले जाएं। डॉ. रविंद्र कौर ने क्यूआरजी अस्पताल के डॉक्टरों से फोन पर कहा वह मरीज भेज रहे हैं। मनोज ने कहा यहां इलाज क्यों नहीं कर रहे। इस पर डॉक्टर ने कहा क्यूआरजी में केवल 50 हजार रुपये खर्च आएगा और कोमल ठीक हो जाएगी। आनन फानन परिजनों ने कोमल को क्यूआरजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां उसे वेटिंलेटर पर रखकर आठ लाख तक की बिल बना दिया गया। वहीं, कोमल के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ था। बिल की राशी देने में असमर्थ होने पर परिजनों ने कोमल को क्यूआरजी से निकाल कर अन्य प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
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राष्ट्रपति तक गुहार लगाने के बाद दर्ज हुआ केस
मृतका कोमल के पति मनोज का कहना है निजी अस्पताल मिलकर पूरा रैकेट चलाते हैं। हेरिटेज अस्पताल के डॉक्टरों ने मोटे कमीशन के लालच में क्यूआरजी अस्पताल के डॉक्टरों से मोटा बिल बनवाया। पत्नी की मौत के बाद उन्होने पुलिस व सरकारी अस्पताल में डाक्टरों से शिकायत की थी लेकिन उनकी बात नही सुनी गई। इसके बाद मनोज ने इस बारे में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री, स्वास्थय मंत्री, उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखे। साल 2022 में मामले की जांच शुरू हुई। बीके अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में जांच की गई। मनोज के कहने पर बोर्ड ने जांच नूंह के शहीद हसन खान गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में भेजी गई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अब केस दर्ज किया है।
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प्रसव के दौरान गलत नस कटने से महिला की मौत, केस दर्ज
एनआईटी तीन स्थित हैरिटेज हॉस्पिटल की लापरवाही से गई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रसव के दौरान गलत नस कटने के कारण गर्भवती महिला की मौत के मामले में परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं मामले की शिकायत परिजनों ने मुख्यमंत्री से भी की थी। घटना साल 2021 की है। मेडिकल बोर्ड की लंबी जांंच के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
एनआईटी-दो निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा 29 दिसंबर 2021 को पत्नी कोमल को पेट दर्ज की शिकायत पर एनआईटी तीन स्थित हेरिटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टरों ने कोमल का ऑपरेशन कर बच्चे का जन्म करा दिया। आरोप हैं वे केवल कोमल की जांच कराने गए थे। डॉक्टरों ने बिना इजाजत के लापरवाही के साथ कोमल का ऑपरेशन कर दिया। इससे कोमल की हालत बिगड़ती चली गई। उसका खून लगातार बह रहा था। अस्पताल के डॉक्टर कोमल की हालत पर काबू नहीं कर पा रहे थे। आरोप है डॉक्टरों ने आपरेशन के दौरान गलत नस काट दी थी। इस कारण कोमल के रक्त का स्राव बंद नहीं हुआ। खून बहने के कारण कोमल बेहोश हो गई। हेरिटेज अस्पताल के डॉक्टरों ने कोमल के परिजनों से कहा वह इसे सेक्टर-16 क्यूआरजी अस्पताल ले जाएं। डॉ. रविंद्र कौर ने क्यूआरजी अस्पताल के डॉक्टरों से फोन पर कहा वह मरीज भेज रहे हैं। मनोज ने कहा यहां इलाज क्यों नहीं कर रहे। इस पर डॉक्टर ने कहा क्यूआरजी में केवल 50 हजार रुपये खर्च आएगा और कोमल ठीक हो जाएगी। आनन फानन परिजनों ने कोमल को क्यूआरजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां उसे वेटिंलेटर पर रखकर आठ लाख तक की बिल बना दिया गया। वहीं, कोमल के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ था। बिल की राशी देने में असमर्थ होने पर परिजनों ने कोमल को क्यूआरजी से निकाल कर अन्य प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
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राष्ट्रपति तक गुहार लगाने के बाद दर्ज हुआ केस
मृतका कोमल के पति मनोज का कहना है निजी अस्पताल मिलकर पूरा रैकेट चलाते हैं। हेरिटेज अस्पताल के डॉक्टरों ने मोटे कमीशन के लालच में क्यूआरजी अस्पताल के डॉक्टरों से मोटा बिल बनवाया। पत्नी की मौत के बाद उन्होने पुलिस व सरकारी अस्पताल में डाक्टरों से शिकायत की थी लेकिन उनकी बात नही सुनी गई। इसके बाद मनोज ने इस बारे में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री, स्वास्थय मंत्री, उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखे। साल 2022 में मामले की जांच शुरू हुई। बीके अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में जांच की गई। मनोज के कहने पर बोर्ड ने जांच नूंह के शहीद हसन खान गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में भेजी गई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अब केस दर्ज किया है।
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