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Faridabad News: शिक्षा निदेशालय के आदेश दरकिनार, स्कूल में नहीं है साफ पानी की व्यवस्था

Fri, 02 May 2025 12:25 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 02 May 2025 12:25 AM IST
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Bypassing the orders of Directorate of Education, there is no provision of clean water in the school
बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं छात्र, सुरक्षा के नहीं है इंतजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। भीषण गर्मी और हीट वेव के बावजूद स्कूल प्रशासन का छात्रों की सेहत पर कोई ध्यान नहीं है। स्कूल में वॉटर कूलर लगा है, लेकिन उससे बदबूदार पानी निकल रहा है। छात्रों को पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है। वहीं, स्कूल में चल रहे निर्माण कार्य के बीच बच्चों की सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।

जिले में बढ़ती गर्मी और हीट वेव को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिनमें बच्चों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है। इन निर्देशों में स्कूलों में स्वच्छ पीने के पानी, ओआरएस की उपलब्धता, फुल बाजू के कपड़े पहनने की सलाह और दिन में तीन बार पानी पीने की घंटी बजवाने जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया है। लेकिन एनआईटी-5 स्थित राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में इन निर्देशों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
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गुरुवार को अमर उजाला की टीम यहां पहुंची तो विद्यालय में न तो पीने के लिए साफ पानी था और न ही बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम। वाटर कूलर से बदबूदार पानी निकल रहा था, जिसे छात्र पीने के लिए मजबूर थे। न तो आरओ मशीन दिखी और न ही पानी की नियमित सफाई व्यवस्था का कोई प्रमाण ही यहां दिखा।
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स्कूल में ओआरएस घोल का कोई प्रबंध भी नहीं मिला, जबकि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी के मौसम में छात्रों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए सभी स्कूलों में ओआरएस पाउच या घोल की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। छात्रों ने भी बताया कि यहां पर कभी-कभार ही साफ पानी उपलब्ध होता है, अधिकतर समय बच्चे घर से लाया पानी ही पीते हैं।


खुली तारों के बीच घूमते हैं छात्र

स्कूल परिसर में इस समय निर्माण कार्य चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई विशेष उपाय नहीं किए गए हैं। खुले मलबे, सीमेंट के ढेर और खुली तारों के बीच छात्र घूमते नजर आए। जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। स्कूल में प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक के छात्र एक ही परिसर में पढ़ते हैं। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से ये लापरवाही और भी खतरनाक साबित हो सकती है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, गर्मी से राहत देने के लिए दिन में तीन बार पानी पीने के लिए घंटी बजाने के निर्देश भी दिए गए हैं, लेकिन स्कूल में ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं है। बच्चों को अपनी इच्छा से ही पानी पीना पड़ता है, वह भी तब जब पानी उपलब्ध होता है। प्रिंसिपल के स्कूल में उपलब्ध नहीं होने पर उनसे फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वो छुट्टी पर हैं।
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