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Faridabad News: जंकफूड के अत्यधिक सेवन से समय पूर्व युवाओं और बच्चों की हड्डियां हो रही कमजोर

Sat, 10 Jun 2023 08:50 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jun 2023 08:50 PM IST
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Bones of youth and children are getting weak prematurely due to excessive consumption of junk food
जंकफूड के अत्यधिक सेवन से युवाओं और बच्चों की हड्डियां हो रही कमजोर
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ईएसआईसी अस्पताल में ऐसे में रोजाना पांच से सात मामले आ रहे सामने, डॉक्टरों ने जंक फूड के सेवन से बचने की दी सलाह

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बदलती लाइफस्टाइल और जंकफूड के अत्यधिक सेवन से समय से पूर्व युवाओं और बच्चों की हड्डियां कमजोर हो रही हैं। ईएसआईसी अस्पताल में ऐसे में रोजाना पांच से सात मामले सामने आ रहे है। ऐसे में डॉक्टरों ने मरीजों को जंग फूड के सेवन से बचने की सलाह दी है।
एनआईटी-तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में रोजाना करीब 500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते है। इनमें काफी संख्या में बच्चे और युवा भी शामिल होते हैं। जिन्हें हड्डियों में दर्द संबंधी शिकायत होती है। डॉक्टरों ने इसकी वजह जीवनशैली में बदलाव और बाहर के खानपान को बताया है।
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अस्पताल के हड्डी एवं ज्वाइंट रोग विभाग प्रोफेसर डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि शरीर को स्वस्थ रखने के हड्डियों को मजबूत होना जरूरी है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। 35 साल की उम्र के बाद शरीर में कैल्शियम की कमी होना स्वाभाविक है, जिसका असर हड्डियों और दांतों पर सबसे ज्यादा पड़ता है।
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बोन हेल्थ का ख्याल रखने के लिए कैल्शियम के साथ विटामिन-डी की भी जरूरत होती है। हड्डियों में होने वाले दर्द से बचने, हड्डियों को टूटने से बचाने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी खतरनाक बीमारियों के खतरे को दूर करने के लिए अपनी हड्डियों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। वहीं निजी अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. युवराज कुमार के अनुसार बच्चों की हड्डियों के सही विकास के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार गलत खान-पान की आदत और जीवनशैली की वजह से भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। अगर हड्डियों को मजबूत बनाना है तो कुछ आदतों से दूर रहने की जरूरत है।

निजी अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ उदित कपूर ने बताया कि फैक्चर होने के बाद इन दिनों लोग नीम हकीमों पर पट्टा लगवाने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में जब एक-दो महीने के बाद पट्टा हटता है, तो हड्डी तो शायद जुड़ चुकी होती है, लेकिन वह सही पोजिशन में नहीं बैठी हुई होती है। वहीं फ्रैक्चर के पहले आपका हाथ या पैर जिस कैपेसिटी से काम करता था, वो नहीं होता है। इसलिए सरकारी या निजी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ से ही इलाज करना चाहिए।
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