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बीडीपीओ कार्यालय घोटाला: मास्टरमाइंड क्लर्क के पिता सहित चार गिरफ्तार

Sun, 27 Jul 2025 12:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jul 2025 12:13 AM IST
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BDPO office scam: Four arrested including mastermind clerk's father
आरोपियों के खाते में 11 करोड़ 38 लाख 75,700 रुपये के लेनदेन का खुलासा
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। कस्बा हसनपुर स्थित बीडीपीओ कार्यालय में सरकारी कर्मचारियों द्वारा किए गए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में फरीदाबाद स्टेट सतर्कता व एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने चार आरोपियों को काबू किया है।
इन आरोपियों के खाते में 11 करोड़ 38 लाख 75700 रुपये के लेनदेन का खुलासा होने के बाद टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। इन आरोपियों में घोटाले के मास्टरमाइंड राकेश कुमार क्लर्क का पिता भी शामिल है, जिसके खाते में दस करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये जमा किए गए। गौरतलब है कि पंचकूला में सीएजी की टीम प्रदेश के विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक कार्यालय का ऑडिट कर रही थी, जिसमें सीएजी की टीम ने खुलासा किया कि अधिकारी की बिना अनुमति के उनकी लॉग इन आईडी से वर्ष 23-24 व 24-25 में डीडीपीओ कार्यालय पलवल में करोड़ों रुपये की विकास के लिए राशि भेजी गई, जिसमें से बीडीपीओ कार्यालय हसनपुर में दीपक मैनपॉवर नाम की फर्म को फर्जी तौर से रुपये विकास के लिए भेजे गए।
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मामले का खुलासा होने के बाद डीडीपीओ उपमा अरोड़ा के निर्देश पर बीडीपीओ प्रवीण कुमार ने करोड़ों रुपये के गबन के मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मास्टरमाइंड बीडीपीओ कार्यालय के क्लर्क राकेश कुमार, खजाना कार्यालय के चपरासी सतपाल, पंचकूला निदेशक कार्यालय के रिटायर्ड अधिकारी शमशेर सिंह, सहायक खजाना अधिकारी विजेंद्र कुमार, एसडीओ कार्यालय के क्लर्क अनूप कुमार, बीडीपीओ कार्यालय के स्टेनो विवेक कुमार, बीडीपीओ कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर गौतम कुमार के अलावा मैनपॉवर फर्म के मालिक दीपक कुमार को गिरफ्तार कर 23 अप्रैल को अदालत में इन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
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टीम ने इस मामले में चार करोड़ 54 लाख 75 हजार 950 रुपये बरामद कर लिए। टीम ने इस दौरान खातों के लेनदेन की जांच की तो बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें सुनील उर्फ सोनू निवासी गांव किस्वागढ़ी बुलंदशहर के खाते में 33 लाख 19 हजार पांच सौ, श्याम सिंह निवासी माहौली के खाते में 48 लाख छह हजार दो सौ रुपये सहित आरोपी गौतम के चचेरे भाई गोल्डी के खाते में 15 लाख रुपये के अलावा घोटाले के मास्टरमाइंड राकेश के पिता चत्तर सिंह के बैंक खाते में दस करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये का आदान-प्रदान हुआ। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सुनील उर्फ सोनू, चत्तर सिंह, श्याम सिंह सहित गोल्डी को शनिवार की देर शाम गिरफ्तार कर लिया। टीम ने शनिवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की लेकिन अदालत ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।
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