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आशिमा गोयल ने सिविल सेवा परीक्षा में हासिल की 65वीं रैंक
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बल्लभगढ़ की आशिमा गोयल को मिठाई खिलाते परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा।
- फोटो : Faridabad
बल्लभगढ़। विजय नगर में रहने वाली जिले की बेटी आशिमा गोयल ने मंगलवार को जारी संघ लोक सेवा आयोग के प्रशासनिक सेवा परीक्षा परिणाम में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल की है। मध्यवर्गीय परिवार की बेटी ने माता-पिता के संघर्ष से जीवन में कुछ खास करने की ठानी थी। मन की इस जिद्द को मुकाम में बदलने वाली आशिमा ने सफलता का श्रेय अपने पिता मित्रसेन गोयल और मां मीना गोयल को दिया है। आशिमा बताती हैं कि उनके पिता साइबर कैफे संचालक हैं। पिता के संघर्ष से उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
आशिमा ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने मुख्य विषय के रूप में रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) को चुना था। सफलता के लिए उन्होंने प्रयास जारी रखा। आशिमा अपने अनुभव के आधार पर बताती हैं कि निरंतर प्रयास और अभ्यास आईएएस बनने की कुंजी है। आशिमा ने बायो इंजीनियरिंग से स्नातक की पढ़ाई की थी। इसके बाद एक वर्ष तक जॉब की। नौकरी छोड़ उन्होंने लगातार दो वर्ष तक सिविल की तैयारी की।
दूसरे प्रयास में हाथ आई सफलता के साथ ही आशिमा ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने लगातार प्रयास के साथ औसतन आठ घंटे पढ़ाई की। हालांकि उनका मानना है कि गुणवत्ता इस तैयारी में मायने रखती है। कई बार तीन से चार घंटे भी पर्याप्त होते हैं। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने भी आशिमा के घर पहुंच उन्हें बधाई दी।
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तैयारी करने वालों को दिए टिप्स
- कोचिंग नहीं रिविजन (अभ्यास) के मायने।
- प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा की तैयारी साथ-साथ करें।
- टेस्ट सीरीज जरूर लें, इससे तैयारी का मूल्यांकन होता है।
- विश्वास रखें, कमियों पर काम करें, चुनौतियों को स्वीकार करें, प्रबंधन अति आवश्यक
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आशिमा ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने मुख्य विषय के रूप में रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) को चुना था। सफलता के लिए उन्होंने प्रयास जारी रखा। आशिमा अपने अनुभव के आधार पर बताती हैं कि निरंतर प्रयास और अभ्यास आईएएस बनने की कुंजी है। आशिमा ने बायो इंजीनियरिंग से स्नातक की पढ़ाई की थी। इसके बाद एक वर्ष तक जॉब की। नौकरी छोड़ उन्होंने लगातार दो वर्ष तक सिविल की तैयारी की।
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दूसरे प्रयास में हाथ आई सफलता के साथ ही आशिमा ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने लगातार प्रयास के साथ औसतन आठ घंटे पढ़ाई की। हालांकि उनका मानना है कि गुणवत्ता इस तैयारी में मायने रखती है। कई बार तीन से चार घंटे भी पर्याप्त होते हैं। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने भी आशिमा के घर पहुंच उन्हें बधाई दी।
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तैयारी करने वालों को दिए टिप्स
- कोचिंग नहीं रिविजन (अभ्यास) के मायने।
- प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा की तैयारी साथ-साथ करें।
- टेस्ट सीरीज जरूर लें, इससे तैयारी का मूल्यांकन होता है।
- विश्वास रखें, कमियों पर काम करें, चुनौतियों को स्वीकार करें, प्रबंधन अति आवश्यक