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Faridabad News: दहेज प्रताड़ना मामले में पांच आरोपियों को अग्रिम जमानत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शादी के करीब साढ़े छह साल बाद दर्ज दहेज प्रताड़ना और मारपीट के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने पांच आरोपियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने आरोपी सचिन कुमार, ललित कुमार, पंकज, महिमा और शबनम अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए जांच अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
मामला पल्ला थाने में पांच फरवरी 2026 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता कमलेश ने आरोप लगाया था कि 2019 में शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग कार व नकदी की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। मामले में जांच पूरी हो चुकी है, चालान अदालत में दाखिल है और सभी आरोपी पुलिस जमानत पर हैं।
अदालत ने अर्नेश कुमार व सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई मामलों में सुप्रीम कोर्ट की नजीर का हवाला देते हुए कहा कि सात साल तक की सजा वाले अपराधों में गिरफ्तारी सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपवाद है। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
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फरीदाबाद। शादी के करीब साढ़े छह साल बाद दर्ज दहेज प्रताड़ना और मारपीट के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने पांच आरोपियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने आरोपी सचिन कुमार, ललित कुमार, पंकज, महिमा और शबनम अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए जांच अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
मामला पल्ला थाने में पांच फरवरी 2026 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता कमलेश ने आरोप लगाया था कि 2019 में शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग कार व नकदी की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। मामले में जांच पूरी हो चुकी है, चालान अदालत में दाखिल है और सभी आरोपी पुलिस जमानत पर हैं।
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अदालत ने अर्नेश कुमार व सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई मामलों में सुप्रीम कोर्ट की नजीर का हवाला देते हुए कहा कि सात साल तक की सजा वाले अपराधों में गिरफ्तारी सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपवाद है। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
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