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Faridabad News: एक और समयसीमा नजदीक, रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य अधूरा
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38 महीने में 60 प्रतिशत काम ही हो सका पूरा, दिसंबर तक पूरा करना है बाकी काम
निधि कुशवाहा
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के आधुनिक भवन को नए सिरे से बनाने के लिए शुरू किया गया कार्य धीमी रफ्तार से चल रहा है। निर्माण कार्य को शुरू हुए 38 माह पूरे होने जा रहे हैं। पहले दिसंबर 2025 तक काम पूरा करना था । काम पूरा नहीं होने से सयमसीमा दिसंबर 2026 कर दी गई। समयसीमा पूरी होने में केवल चार महीने का समय बचा है और अब तक केवल परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है।
परियोजना की शुरुआत के दौरान स्टेशन पर बड़ी संख्या में कर्मचारी और श्रमिक लगाए गए थे। बताया गया कि यहां 350 से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे। बाद में इनमें से कई को दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य में लगाया गया। इसका असर फरीदाबाद स्टेशन पर चल रहे काम पर भी दिखाई दे रहा है। वर्तमान में एक समय में करीब 35 से 40 श्रमिक ही यहां काम करते हैं।
अधूरे इंतजामों के बीच यात्रियों की मुश्किलें
पुनर्विकास कार्य अधूरा होने का असर स्टेशन पर मिलने वाली यात्री सुविधाओं पर भी दिखाई दे रहा है। फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर-तीन पर ही टिन शेड लगा है, लेकिन यह भी यात्रियों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। धूप और बारिश के दौरान शेड में जगह नहीं मिलने पर यात्रियों को पेड़ों के नीचे खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, प्रतीक्षालय में भी यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
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बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। स्टेशन पर पुनर्विकास के तहत प्रस्तावित लिफ्ट और अन्य सुविधाएं अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उन्हें प्लेटफॉर्म तक पहुंचने और स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने में परेशानी होती है। भारी सामान लेकर आने वाले यात्रियों को भी उसे उठाकर या खींचकर रास्ता तय करना पड़ता है। पर्याप्त सुविधाजनक व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्ग यात्रियों को सामान के साथ चलने में अधिक दिक्कत होती है।
कई जगह आवाजाही का रास्ता भी प्रभावित
निर्माण क्षेत्र में बैरिकेडिंग और अन्य काम के कारण कई जगह आवाजाही का रास्ता भी प्रभावित है। यात्रियों को संकरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में ट्रेन पकड़ने के लिए उन्हें पहले से अधिक समय लेकर स्टेशन पहुंचना पड़ता है। पुनर्विकास के बाद मिलने वाली लिफ्ट, एस्केलेटर, बेहतर प्रतीक्षालय और दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप व ब्रेल साइनेज जैसी सुविधाओं का काम पूरा होने तक यात्रियों को मौजूदा सीमित व्यवस्थाओं में ही सफर करना पड़ रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग का काम अधूरा होने के कारण वाहनों को सड़क के किनारे या स्टेशन से कुछ दूरी पर खड़ा करना पड़ता है। इससे आसपास के रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ने और जाम की स्थिति बनने की समस्या सामने आती है।
आंकड़ों की नजर में फरीदाबाद स्टेशन का भवन
262 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है स्टेशन का आधुनिक भवन
350 दोपहिया वाहन खड़े हो सकेंगे स्टेशन के पार्किंग स्थल में
250 कार हो सकेंगी खड़ी
12 मीटर चौड़े होंगे दो एफओबी
6 अगस्त 2023 को शुरू हुआ था निर्माण कार्य
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पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर, लिफ्ट, बड़ा प्रतीक्षालय, पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी ।
- बीएस भंडारी, फरीदाबाद स्टेशन अधीक्षक
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निधि कुशवाहा
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के आधुनिक भवन को नए सिरे से बनाने के लिए शुरू किया गया कार्य धीमी रफ्तार से चल रहा है। निर्माण कार्य को शुरू हुए 38 माह पूरे होने जा रहे हैं। पहले दिसंबर 2025 तक काम पूरा करना था । काम पूरा नहीं होने से सयमसीमा दिसंबर 2026 कर दी गई। समयसीमा पूरी होने में केवल चार महीने का समय बचा है और अब तक केवल परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है।
परियोजना की शुरुआत के दौरान स्टेशन पर बड़ी संख्या में कर्मचारी और श्रमिक लगाए गए थे। बताया गया कि यहां 350 से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे। बाद में इनमें से कई को दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य में लगाया गया। इसका असर फरीदाबाद स्टेशन पर चल रहे काम पर भी दिखाई दे रहा है। वर्तमान में एक समय में करीब 35 से 40 श्रमिक ही यहां काम करते हैं।
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अधूरे इंतजामों के बीच यात्रियों की मुश्किलें
पुनर्विकास कार्य अधूरा होने का असर स्टेशन पर मिलने वाली यात्री सुविधाओं पर भी दिखाई दे रहा है। फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर-तीन पर ही टिन शेड लगा है, लेकिन यह भी यात्रियों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। धूप और बारिश के दौरान शेड में जगह नहीं मिलने पर यात्रियों को पेड़ों के नीचे खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, प्रतीक्षालय में भी यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
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बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। स्टेशन पर पुनर्विकास के तहत प्रस्तावित लिफ्ट और अन्य सुविधाएं अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उन्हें प्लेटफॉर्म तक पहुंचने और स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने में परेशानी होती है। भारी सामान लेकर आने वाले यात्रियों को भी उसे उठाकर या खींचकर रास्ता तय करना पड़ता है। पर्याप्त सुविधाजनक व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्ग यात्रियों को सामान के साथ चलने में अधिक दिक्कत होती है।
कई जगह आवाजाही का रास्ता भी प्रभावित
निर्माण क्षेत्र में बैरिकेडिंग और अन्य काम के कारण कई जगह आवाजाही का रास्ता भी प्रभावित है। यात्रियों को संकरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में ट्रेन पकड़ने के लिए उन्हें पहले से अधिक समय लेकर स्टेशन पहुंचना पड़ता है। पुनर्विकास के बाद मिलने वाली लिफ्ट, एस्केलेटर, बेहतर प्रतीक्षालय और दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप व ब्रेल साइनेज जैसी सुविधाओं का काम पूरा होने तक यात्रियों को मौजूदा सीमित व्यवस्थाओं में ही सफर करना पड़ रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग का काम अधूरा होने के कारण वाहनों को सड़क के किनारे या स्टेशन से कुछ दूरी पर खड़ा करना पड़ता है। इससे आसपास के रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ने और जाम की स्थिति बनने की समस्या सामने आती है।
आंकड़ों की नजर में फरीदाबाद स्टेशन का भवन
262 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है स्टेशन का आधुनिक भवन
350 दोपहिया वाहन खड़े हो सकेंगे स्टेशन के पार्किंग स्थल में
250 कार हो सकेंगी खड़ी
12 मीटर चौड़े होंगे दो एफओबी
6 अगस्त 2023 को शुरू हुआ था निर्माण कार्य
पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर, लिफ्ट, बड़ा प्रतीक्षालय, पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी ।
- बीएस भंडारी, फरीदाबाद स्टेशन अधीक्षक