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Faridabad News: कई मामलों में गोतस्करों के खिलाफ गवाह बन चुका है अनिल कौशिक

Thu, 05 Sep 2024 11:46 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2024 11:46 PM IST
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Anil Kaushik has become a witness against cattle smugglers in many cases.
आर्यन हत्याकांड:- आर्यन के पिता ने फरीदाबाद पुलिस पर अनिल कौशिक को बढ़ावा देने का लगाया आरोप
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- पहले भी अपनी टीम के साथ गोतस्करों का पीछा करने में रहा है शामिल

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। आर्यन हत्याकांड मामले में आरोपी अनिल कौशिक इससे पहले भी गोतस्करों के खिलाफ देर रात अभियान चलाता था। कई बार इसने अपने साथियों के साथ गोतस्करों को पकड़ा था। इन मामलों में वह गोतस्करों के खिलाफ गवाह भी बना है। वह देर रात गोतस्करों को ही ढूंढने के लिए अपने साथियों के साथ निकलता था। अनिल कौशिक की टीम ने इससे पहले भी कई बार गोलियां चलाई थीं।

अनिल कौशिक लिव फॉर नेशन संस्था का स्वयंभू संस्थापक था। पर्वतिया काॅलोनी निवासी अनिल क्षेत्र में दबदबा बढ़ाने के लिए अपने को गोरक्षक और समाजसेवी भी बताता था। इस दौरान वह और उसके गुर्गे क्षेत्र में अवैध हथियार रखकर लोगों पर रौब जमाते थे। अनिल कौशिक के पास अपनी लाइसेंसी बंदूक भी थी। कुछ मामलों में आरोपी होने के चलते सारन थाना पुलिस ने इसका लाइसेंसी हथियार जमा करा रखा है। उसने एक गोरक्षक टास्क फोर्स का भी गठन किया था। सूत्रों के अनुसार अक्सर गोतस्करों से सामना होने पर दोनों ओर से गोलियां चल जाती हैं, ऐसे में अनिल और उसके साथी अवैध पिस्टल से गोलियां चलाते थे। 23 अगस्त की रात में भी डस्टर गाड़ी के पीछे लगकर उन्होंने ऐसे ही फायरिंग की थी। जिसमें आर्यन की मौत हो गई थी।
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गोतस्करों के खिलाफ कई मामलों में है गवाह
अनिल कौशिक और उसकी गोरक्षक टॉस्क फोर्स टीम के सदस्य गोतस्करों के खिलाफ कई मामलों में गवाह थे। इस दौरान स्थानीय पुलिस से उसको कोई रोक-टोक भी नहीं थी। देर रात वह शहर की सड़कों पर निकलते थे। इस दौरान उनके मुखबिर सूचना देते थे। इसके आधार पर वह गाड़ियों के पीछे लग जाते थे।
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अनिल कौशिक और उसकी गोरक्षक टॉस्क फोर्स टीम के सदस्य गोतस्करों के खिलाफ कई मामलों में गवाह थे। इस दौरान स्थानीय पुलिस से उसको कोई रोक-टोक भी नहीं थी। देर रात वह शहर की सड़कों पर निकलते थे। इस दौरान उनके मुखबिर सूचना देते थे। इसके आधार पर वह गाड़ियों के पीछे लग जाते थे।
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