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Faridabad News: गढ़खेड़ा गांव का अमृत सरोवर उपेक्षा का शिकार

Fri, 14 Nov 2025 12:56 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 14 Nov 2025 12:56 AM IST
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Amrit Sarovar of Gadkheda village is a victim of neglect
करोड़ों की लागत से हुआ सौंदर्यीकरण अब झाड़ियों में दबा
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संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। फरीदाबाद के गढ़खेड़ा गांव में करोड़ों की लागत से तैयार किया गया अमृत सरोवर अब उपेक्षा की धूल फांकता नजर आ रहा है। जिस सरोवर को ग्रामीणों के लिए सुंदर पर्यटन के रूप में विकसित करने का सपना देखा गया था, आज वहां पांच-पांच फीट ऊंची झाड़ियां उग आई हैं। ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते यह अमृत सरोवर, जो कभी गांव के विकास और सौंदर्यीकरण की पहचान बनने वाला था, अब खंडहर जैसी स्थिति में पहुंच चुका है।

सरकार की अमृत सरोवर योजना के तहत गढ़खेड़ा गांव के इस जोहड़ को आधुनिक रूप देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। सरोवर के चारों ओर इंटरलॉकिंग टाइलों से सुंदर ट्रैक बनाया गया था ताकि ग्रामीण यहां सैर कर सकें। वहीं बैठने के लिए बेंच लगाई गईं थीं, जिससे यह स्थान लोगों के लिए आराम और मनोरंजन का केंद्र बन सके। लेकिन अब इन बेंच के आसपास झाड़ियां और कूड़ा-कचरा फैला हुआ है।
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ग्रामीण अवधेश ने बताया कि पंचायत की लापरवाही के कारण यह सरोवर अपनी पहचान खो चुका है। उन्होंने कहा सरपंच गांव में कोई भी काम सही से नहीं कर रहा है। अमृत सरोवर पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन अब इस पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। वहां जाने में भी डर लगता है क्योंकि जगह-जगह सांप और जहरीले कीड़े होने का खतरा रहता है।
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ग्रामीण ओमप्रकाश ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार की मंशा तो अमृत सरोवर के जरिये गांवों में सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने की थी लेकिन पंचायत की लापरवाही ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब ये अमृत सरोवर नहीं बल्कि झाड़ियों का सरोवर बन गया है। करोड़ों की लागत से बनाए गए इस सरोवर से न तो गांव को कोई फायदा हुआ और न ही इसकी देखरेख की कोई व्यवस्था है।

ग्रामीण रमेश ने भी बताया कि जब इस जोहड़ को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा था, तब गांव के लोगों में काफी उत्साह था। सबको उम्मीद थी कि गांव में एक सुंदर विकास कार्य हो रहा है, लेकिन अब वह सपना झाड़ियों के नीचे दब गया है। सरपंच और पंचायत किसी भी तरह की सफाई या रखरखाव पर ध्यान नहीं दे रहे।


वहीं, इस मामले में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) प्रियंका रावत ने बताया कि उन्होंने स्वयं गढ़खेड़ा गांव के अमृत सरोवर का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था बेहद खराब पाई गई, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए सरपंच और ग्राम सचिव को तीन दिन के भीतर सरोवर को साफ-सुथरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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