फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Ambulance cylinders removed and saved patients' lives

एंबुलेंस के सिलिंडर निकालकर बचाई मरीजों की जान

Fri, 23 Apr 2021 11:23 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 11:23 PM IST
विज्ञापन
Ambulance cylinders removed and saved patients' lives
फरीदाबाद (मूर्ति दलाल)। इन दिनों ऑक्सीजन के लिए दिल्ली-एनसीआर में मारामारी है। निजी अस्पताल ऑक्सीजन और बेड की कमी के कारण मरीजों को भर्ती करने से इंकार कर रहे हैं, उधर बीके अस्पताल पर गंभीर संक्रमितों का बोझ बढ़ता जा रहा है। हालात यह हो गए हैं कि मरीजों के लिए अस्पताल प्रबंधन ने बृहस्पतिवार देर रात ऑक्सीजन सप्लाई सुनिश्चित करने की कोशिश की, तो वेंडर की ओर से जवाब आया कि ड्राइवर सो गया है, ऑक्सीजन सप्लाई नहीं कर सकते। ऐसे में स्थिति यह हो गई कि देर रात एंबुलेंस के सिलिंडर निकालकर मरीजों की जान बचाई गई। इसी बीच गाड़ी की व्यवस्था कर स्वास्थ्य कर्मी ही ऑक्सीजन लेने पहुंचे। शुक्रवार दोपहर में अस्पताल को ऑक्सीजन मिल सकी।
विज्ञापन

जिले के बीके सिविल अस्पताल को कोविड हेल्थ सेंटर बनाया गया है, इसमें 40 आइसोलेटिड बेड का वॉर्ड और छह वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में ऑक्सीजन लेवल की कमी सहित कोरोना संक्रमित अस्पताल में पहुंच रहे हैं। हालांकि यहां भी जिले के अन्य निजी अस्पतालों की तरह सांसों की लड़ाई चल रही है। सरकारी अस्पताल में मरीजों की जान बचाने के लिए जंग और मुश्किल है, अस्पताल प्रबंधन के विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात ऑक्सीजन की किल्लत हुई तो सिलिंडर सप्लाई वेंडर से सुनिश्चित करने की कोशिश की गई।
विज्ञापन

इस दौरान जवाब मिला कि ड्राइवर सो गया है, उसे जगा नहीं सकते, ऑक्सीजन फिलहाल नहीं मिलेगी। आनन-फानन में एंबुलेंस के सिलिंडर निकालकर ही मरीजों की जान बचाई गई। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गाड़ी का प्रबंध कर स्वास्थ्य कर्मियों को ऑक्सीजन लेने भेजा। वहीं, बृहस्पतिवार देर शाम एनआईटी-5 स्थित डॉक्टर टुडे अस्पताल में मरीजों को कह दिया गया कि कुछ ही घंटों की ऑक्सीजन बची है, ऐसे में वह कहीं और चले जाएं। कई मरीजों को भर्ती करने से भी अस्पताल ने इंकार कर दिया। अस्पताल के डॉ. सुमित ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक ऑक्सीजन सुनिश्चित कर ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह फोर्टिस अस्पताल में शुक्रवार सुबह 9 बजे ऑक्सीजन को लेकर अफरातफरी मच गई। अस्पताल में भर्ती मरीजों सहित अस्पताल प्रबंधन ने माना कि जिले में ऑक्सीजन नहीं मिल रही। ऐसे में मात्र एक घंटे की ऑक्सीजन ही मरीजों को दी जा सकती है। उधर, ऑक्सीजन सप्लाई सुनिश्चित कराने के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए करण गोदारा ने बकाया कि सप्लाई सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जा रहा है, किल्लत है। हर ओर ऑक्सीजन के लिए मारामारी है। अधिकारी अपना काम कर रहे हैं। हालांकि दोपहर तक भी ऑक्सीजन सप्लाई सुनिश्चित नहीं हो सकी। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने सिलिंडर के जरिये मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई जारी रखी।
दो संक्रमितों की हुई मौत
बीके सिविल अस्पताल में बुधवार रात दस से अधिक गंभीर मरीज भर्ती किए गए। अगले दिन इतने ही मरीज फिर आ गए। ऐसे में गंभीर मरीजों की संख्या लगभग दो से तीन गुना हो गई। इस बीच ऑक्सीजन की खपत बढ़ी तो अस्पताल प्रबंधन के लिए व्यवस्था करना भारी पड़ गया। देर रात किसी तरह अस्पताल ने एंबुलेंस के 16 सिलिंडर निकाल कर मरीजों की जान बचाई। फिर सुबह आठ सिलिंडर और मांगे गए। इस तरह मरीजों की जान बची। हालांकि दोपहर बाद अस्पताल को ऑक्सीजन मिली तब जाकर एंबुलेंस को फिर से लाइफ सपोर्ट सिलिंडर रिफिल कर लौटाए गए। इस बीच बुधवार रात और बृहस्पतिवार रात करीब दो संक्रमितों की मौत हो गई।

बीके सिविल अस्पताल में कोविड हेल्थ सेंटर की तर्ज पर मरीज भर्ती किए जाने थे। नियमानुसार इसमें 60 से अधिक उम्र और 90 से 94 के बीच के ऑक्सीजन स्तर पर ही मरीजों की भर्ती किया जा सकता है। हालांकि निजी अस्पतालों में इन दिनों एक बेड के लिए भी मारामारी है। ऐसे में मरीजों को गंभीर हालत में भी भर्ती नहीं किया जा रहा। इस कारण गंभीर मरीजों की संख्या अधिक हो गई है, अस्पताल में इनके इलाज की सभी व्यवस्थाएं मौजूद नहीं हैं। इस कारण परेशानी आ रही है।
- डॉ. सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed