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Faridabad News: अल फलाह यूनिवर्सिटी का रद्द हो सकता है अल्पसंख्यक का दर्जा
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एनसीएमईआई ने भेजा कारण बताओ नोटिस
नोटिस पर आयोग करेगा चार दिसंबर को सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अल फलाह यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक का दर्जा भी रद्द हो सकता है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (एनसीएमईआई) ने भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में पूछा गया है कि ऐसे समय में उसका अल्पसंख्यक दर्जा क्यों न रद्द कर दिया जाए, जब उसके दो डॉक्टरों की दिल्ली में 10 नवंबर को हुए विस्फोट में भूमिका के लिए जांच चल रही है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे। बताया जा रहा है कि इस नोटिस पर आयोग सुनवाई चार दिसंबर को करेगा। यहां यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, दोनों को अपना पक्ष रखना होगा। आयोग इस बात की जांच करेगा कि क्या यूनिवर्सिटी का प्रबंधन अभी भी उस अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा किया जा रहा है, जिसके लिए इसे विशेष दर्जा दिया गया था, और क्या स्वामित्व या नियंत्रण में कोई बदलाव हुआ है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले छात्रों के अभिभावकों में लगातार बेचैनी बनी हुई है। मंगलवार को भी कई छात्रों के परिवार वाले यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमें यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भरोसा नहीं हो रहा। पिछले हफ्ते 25 अभिभावकों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से मुलाकात करनी चाही थी लेकिन उनकी मुलाकात तीन डॉक्टरों से करा दी गई। जिसके बाद अब अभिभावक सरकार के सामने आने की प्लानिंग कर रहे हैं। इसको लेकर भारी संख्या में अभिभावक इकट्ठा होने की बात कह रहे हैं।
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नोटिस पर आयोग करेगा चार दिसंबर को सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अल फलाह यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक का दर्जा भी रद्द हो सकता है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (एनसीएमईआई) ने भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में पूछा गया है कि ऐसे समय में उसका अल्पसंख्यक दर्जा क्यों न रद्द कर दिया जाए, जब उसके दो डॉक्टरों की दिल्ली में 10 नवंबर को हुए विस्फोट में भूमिका के लिए जांच चल रही है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे। बताया जा रहा है कि इस नोटिस पर आयोग सुनवाई चार दिसंबर को करेगा। यहां यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, दोनों को अपना पक्ष रखना होगा। आयोग इस बात की जांच करेगा कि क्या यूनिवर्सिटी का प्रबंधन अभी भी उस अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा किया जा रहा है, जिसके लिए इसे विशेष दर्जा दिया गया था, और क्या स्वामित्व या नियंत्रण में कोई बदलाव हुआ है।
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अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले छात्रों के अभिभावकों में लगातार बेचैनी बनी हुई है। मंगलवार को भी कई छात्रों के परिवार वाले यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमें यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भरोसा नहीं हो रहा। पिछले हफ्ते 25 अभिभावकों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से मुलाकात करनी चाही थी लेकिन उनकी मुलाकात तीन डॉक्टरों से करा दी गई। जिसके बाद अब अभिभावक सरकार के सामने आने की प्लानिंग कर रहे हैं। इसको लेकर भारी संख्या में अभिभावक इकट्ठा होने की बात कह रहे हैं।
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