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Faridabad News: लिफ्ट में फंसने वाले गर्वित को प्रशासन करेगा सम्मानित
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-लिफ्ट में 3 घंटे फंसा रहा था 8 वर्षीय बच्चा, डर को भगाने के लिए पढ़ी थी हनुमान चालीसा
हेमलता रावत
बल्लभगढ़। सेक्टर-86 स्थित ओमेक्स हाइट्स के स्टूडियो अपार्टमेंट की लिफ्ट में आठ साल का गर्वित 20 अगस्त को करीब 3 घंटे लिफ्ट में फंसा था। बच्चे ने इस दौरान डर को भगाने के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने लगा। बच्चे ने लिफ्ट में बैठकर स्कूल का होमवर्क किया। होमवर्क के बाद उसने ड्राइंग करके समय बिताया। लिफ्ट में साहस बनाए रखने के लिए गर्वित को प्रशासन की ओर 26 जनवरी को सम्मानित किया जा रहा है।
20 अगस्त को ओमेक्स हाइट्स के स्टूडियो अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले पवन चंदीला का आठ वर्षीय बेटा गर्वित दूसरी कक्षा का छात्र है। शाम 5 बजे उनका बेटा ट्यूशन जाने के लिए घर से लिफ्ट से नीचे गया। दूसरी मंजिल पर जाकर लिफ्ट अचानक से बंद हो गई। सात बजे तक भी गर्वित घर नहीं लौटा तो उनकी पत्नी ने ट्यूशन अध्यापक से फोन कर जानकारी ली। अध्यापक ने बताया कि गर्वित ट्यूशन आया ही नहीं। परिजनों ने बच्चे को सोसाइटी में काफी ढूंढा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस दौरान गार्ड ने बताया कि लिफ्ट 5 बजे से खराब है। परिजन ने दूसरी मंजिल पर लिफ्ट पर आवाज लगाई तो गर्वित के लिफ्ट में फंसने का पता चला। बाद में किसी तरह से उसे लिफ्ट से निकाला गया। लिफ्ट में फंसे गर्वित ने डर भगाने के लिए पहले हनुमान चालीसा की चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर.. को पढ़ना शुरू किया। हालांकि बच्चे को हनुमान चालीसा की एक-दो लाइन ही याद थी।
गर्वित कार्टून डोरेमोन देखता था। इसलिए उसने लिफ्ट में फंसने के दौरान डोरेमोन कार्टून को याद करते हुए नाम लिखा। वहीं गणित में थोड़ा कमजोर होने की वजह से ज्यादा अभ्यास करता है। इसलिए लिफ्ट में भी उसने गणित के जोड़ वाले प्रश्न करता रहा। लिफ्ट में फंसने के बाद भी बच्चा गर्वित डरा नहीं। इसलिए प्रशासन की ओर से गर्वित को इस निडरता के लिए सम्मानित किया जा रहा है।
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जिला उपायुक्त को भेजा पत्र
बाल भवन के इंचार्ज सुरेंद्र लाल खत्री ने बताया कि बच्चे गर्वित को सम्मानित किया जा रहा है। जिसके लिए बच्चे की पूरी जानकारी जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर अवगत करवाया गया। जिला उपायुक्त से अनुमति मिलने के बाद जिला स्तर पर 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा।
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हेमलता रावत
बल्लभगढ़। सेक्टर-86 स्थित ओमेक्स हाइट्स के स्टूडियो अपार्टमेंट की लिफ्ट में आठ साल का गर्वित 20 अगस्त को करीब 3 घंटे लिफ्ट में फंसा था। बच्चे ने इस दौरान डर को भगाने के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने लगा। बच्चे ने लिफ्ट में बैठकर स्कूल का होमवर्क किया। होमवर्क के बाद उसने ड्राइंग करके समय बिताया। लिफ्ट में साहस बनाए रखने के लिए गर्वित को प्रशासन की ओर 26 जनवरी को सम्मानित किया जा रहा है।
20 अगस्त को ओमेक्स हाइट्स के स्टूडियो अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले पवन चंदीला का आठ वर्षीय बेटा गर्वित दूसरी कक्षा का छात्र है। शाम 5 बजे उनका बेटा ट्यूशन जाने के लिए घर से लिफ्ट से नीचे गया। दूसरी मंजिल पर जाकर लिफ्ट अचानक से बंद हो गई। सात बजे तक भी गर्वित घर नहीं लौटा तो उनकी पत्नी ने ट्यूशन अध्यापक से फोन कर जानकारी ली। अध्यापक ने बताया कि गर्वित ट्यूशन आया ही नहीं। परिजनों ने बच्चे को सोसाइटी में काफी ढूंढा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस दौरान गार्ड ने बताया कि लिफ्ट 5 बजे से खराब है। परिजन ने दूसरी मंजिल पर लिफ्ट पर आवाज लगाई तो गर्वित के लिफ्ट में फंसने का पता चला। बाद में किसी तरह से उसे लिफ्ट से निकाला गया। लिफ्ट में फंसे गर्वित ने डर भगाने के लिए पहले हनुमान चालीसा की चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर.. को पढ़ना शुरू किया। हालांकि बच्चे को हनुमान चालीसा की एक-दो लाइन ही याद थी।
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गर्वित कार्टून डोरेमोन देखता था। इसलिए उसने लिफ्ट में फंसने के दौरान डोरेमोन कार्टून को याद करते हुए नाम लिखा। वहीं गणित में थोड़ा कमजोर होने की वजह से ज्यादा अभ्यास करता है। इसलिए लिफ्ट में भी उसने गणित के जोड़ वाले प्रश्न करता रहा। लिफ्ट में फंसने के बाद भी बच्चा गर्वित डरा नहीं। इसलिए प्रशासन की ओर से गर्वित को इस निडरता के लिए सम्मानित किया जा रहा है।
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जिला उपायुक्त को भेजा पत्र
बाल भवन के इंचार्ज सुरेंद्र लाल खत्री ने बताया कि बच्चे गर्वित को सम्मानित किया जा रहा है। जिसके लिए बच्चे की पूरी जानकारी जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर अवगत करवाया गया। जिला उपायुक्त से अनुमति मिलने के बाद जिला स्तर पर 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा।