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Faridabad News: आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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रिकॉर्डिंग में शिकायतकर्ता को धमकाने की आवाज, हिरासत में पूछताछ जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिकायतकर्ता को धमकाने और गाली देने की आवाज रिकॉर्डिंग में सुनाई देने के बाद जिला अदालत ने आरोपी की हिरासत में पूछताछ को जरूरी माना है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी रमन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
शिकायतकर्ता सुमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि उसने रमन से 2025 में 1 लाख रुपये उधार लिए थे। वह अब तक 1.45 लाख रुपये से अधिक चुका चुका था लेकिन आरोपी उससे और रकम मांग रहा था। आरोप है कि आरोपी ने अपने साथी जैद के साथ मिलकर उसे धमकाया और खाली चेक व स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराए। शिकायतकर्ता ने पिस्टल दिखाकर धमकाने और 2.50 लाख रुपये मांगने का भी आरोप लगाया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में एक रिकॉर्डिंग चलाई। अदालत के अनुसार, इसमें आरोपी शिकायतकर्ता को गाली देते और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते सुनाई दे रहा है। आरोपी पक्ष ने दावा किया कि उसने शिकायतकर्ता को रकम उधार दी थी और वह जांच में शामिल होने को तैयार है। अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और आरोपी से हिरासत में पूछताछ प्रभावी जांच के लिए जरूरी है। अदालत ने यह भी पाया कि कथित 2.50 लाख रुपये के भुगतान के स्रोत का दस्तावेज पेश नहीं किया गया। ऐसे में अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिकायतकर्ता को धमकाने और गाली देने की आवाज रिकॉर्डिंग में सुनाई देने के बाद जिला अदालत ने आरोपी की हिरासत में पूछताछ को जरूरी माना है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी रमन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
शिकायतकर्ता सुमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि उसने रमन से 2025 में 1 लाख रुपये उधार लिए थे। वह अब तक 1.45 लाख रुपये से अधिक चुका चुका था लेकिन आरोपी उससे और रकम मांग रहा था। आरोप है कि आरोपी ने अपने साथी जैद के साथ मिलकर उसे धमकाया और खाली चेक व स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराए। शिकायतकर्ता ने पिस्टल दिखाकर धमकाने और 2.50 लाख रुपये मांगने का भी आरोप लगाया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में एक रिकॉर्डिंग चलाई। अदालत के अनुसार, इसमें आरोपी शिकायतकर्ता को गाली देते और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते सुनाई दे रहा है। आरोपी पक्ष ने दावा किया कि उसने शिकायतकर्ता को रकम उधार दी थी और वह जांच में शामिल होने को तैयार है। अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और आरोपी से हिरासत में पूछताछ प्रभावी जांच के लिए जरूरी है। अदालत ने यह भी पाया कि कथित 2.50 लाख रुपये के भुगतान के स्रोत का दस्तावेज पेश नहीं किया गया। ऐसे में अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
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