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Faridabad News: एक सफाई कर्मचारी के भरोसे 4500 की आबादी
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मौजपुर में सफाई व्यवस्था चरमराई, गंदगी से भरी पड़ीं नालियां
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। मौजपुर गांव में पिछले कई महीनों से नालियों की सफाई न होने के कारण हालात बद से बदतर हो गए हैं। गांव की अधिकांश नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं, जिससे वे ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रही हैं। इसका सीधा असर ग्रामीणों के आवागमन पर पड़ रहा है।
कई स्थानों पर सड़क पर चलने की जगह तक नहीं बची है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों से उठती दुर्गंध के कारण रहना मुश्किल हो गया है। गांव के निवासी सुंदर ने बताया कि सफाई कर्मचारी समय पर नालियों की सफाई नहीं करते। लंबे समय तक सफाई न होने से नालियों में कचरा, कीचड़ और गंदा पानी भर जाता है, जो बाद में सड़क पर फैल जाता है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कई बार नालियों का गंदा पानी घरों के सामने जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस मामले में गांव की सरपंच शीतल सिंह ने बताया कि मौजपुर गांव की आबादी करीब 4500 है, जबकि पूरे गांव की सफाई के लिए केवल एक ही सफाई कर्मचारी तैनात है। ऐसे में पूरे गांव की नियमित सफाई कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर वे कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत करा चुकी हैं, लेकिन अब तक दूसरा सफाई कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। सरपंच ने प्रशासन से जल्द अतिरिक्त सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। मौजपुर गांव में पिछले कई महीनों से नालियों की सफाई न होने के कारण हालात बद से बदतर हो गए हैं। गांव की अधिकांश नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं, जिससे वे ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रही हैं। इसका सीधा असर ग्रामीणों के आवागमन पर पड़ रहा है।
कई स्थानों पर सड़क पर चलने की जगह तक नहीं बची है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों से उठती दुर्गंध के कारण रहना मुश्किल हो गया है। गांव के निवासी सुंदर ने बताया कि सफाई कर्मचारी समय पर नालियों की सफाई नहीं करते। लंबे समय तक सफाई न होने से नालियों में कचरा, कीचड़ और गंदा पानी भर जाता है, जो बाद में सड़क पर फैल जाता है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कई बार नालियों का गंदा पानी घरों के सामने जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस मामले में गांव की सरपंच शीतल सिंह ने बताया कि मौजपुर गांव की आबादी करीब 4500 है, जबकि पूरे गांव की सफाई के लिए केवल एक ही सफाई कर्मचारी तैनात है। ऐसे में पूरे गांव की नियमित सफाई कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर वे कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत करा चुकी हैं, लेकिन अब तक दूसरा सफाई कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। सरपंच ने प्रशासन से जल्द अतिरिक्त सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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