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अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा मांग रहे नहरपार के किसानों ने एचएसवीपी मुख्यालय का घेराव किया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 09 Oct 2018 11:36 PM IST
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फाइल फोटो
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अधिग्रहीत की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा, रॉयल्टी, किसानों को दिए जाने वाले प्लॉट की कीमत को मुआवजे की राशि में एडजस्ट किए जाने आदि मांगों को लेकर नहरपार के 19 गांवों के करीब दो सौ किसानों ने मंगलवार को एचएसवीपी मुख्यालय पर धरना दिया।
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किसान संघर्ष समिति, नहरपार फरीदाबाद के तत्वाधान में आयोजित धरने की अध्यक्षता कर रहे मेजर जगत सिंह वशिष्ठ ने मांग की किसानों को सेशन कोर्ट के आदेश पर बकाया और हाईकोर्ट द्वारा तय किया गया मुआवजा अदा किया जाए।
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दो साल की बकाया रॉयल्टी भी दी जाए। प्रदर्शन का संचालन कर रहे किसान नेता सत्यपाल नरवत ने मांग की कि पॉलिसी के तहत सभी किसानों को प्लॉट दिया जाए और प्लॉट की कीमत उसके मुआवजे से एडजस्ट की जाए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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किसानों के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने समर्थन देते हुए कहा कि सरकार किसानो का मुआवजा और अन्य मांगों को बातचीत के जरिए सुलझाए अन्यथा किसान और कर्मचारी मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
आईएमटी किसान संघर्ष समिति के पूर्व सरपंच रचना शर्मा ने भी समर्थन देने की घोषणा की। एचएसवीपी प्रशासक की अनुपस्थिति में मुख्य प्रशासक ने किसानों से बातचीत की और 17 अक्तूबर को प्रशासक के साथ बैठक का समय निश्चित किया।
प्रदर्शन में सकसं के जिला प्रधान अशोक कुमार, आम आदमी पार्टी के रणवीर चंदीला, किसान नेता रोहताश, प्रकाश नरवत, लीलू चंदीला, प्रदीप चौहान, लछीराम शर्मा, धर्मपाल मवई, धीरज बड़ौली, जगबीर सरपंच, किरणपाल, बुद्धराम, बाबूराम आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।