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Faridabad News: छांयसा में पीलिया-हेपेटाइटिस से 7 मौतें, 3 मेडिकल टीमें तैनात
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले के गांव छांयसा में पीलिया (जॉन्डिस) व हेपेटाइटिस संक्रमण से सात लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। रविवार को उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया और स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश दिए।
जिले के गांव छांयसा में रविवार को हेपेटाइटिस बी के 12 नए मामले सामने आए हैं। शनिवार को दो नए हेपेटाइटिस मरीज और एक एचआईवी संक्रमित मरीज मिला था। वर्तमान में गांव में हेपेटाइटिस सी के कुल 32 मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं एक व्यक्ति एड्स से पीड़ित है। छांयसा गांव में अब तक हुई 15 मौतों में से चार हेपेटाइटिस बी तथा अन्य मौतें बुजुर्गावस्था व अन्य कारणों से हुई हैं। हेपेटाइटिस के लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में डोर-टू-डोर परीक्षण एवं स्क्रीनिंग अभियान तेज कर दिया है।
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ग्रामीणों का किया जा रहा है टीकाकरण
छांयसा में पिछले दो दिनों से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रविवार को 80 लोगों को हेपेटाइटिस का टीका लगाया गया है। वहीं, शनिवार को 70 लोगों को हेपेटाइटिस का टीका लगाया था। स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार सात मृतकों में चार हेपिटाइटिस पॉजिटिव पाए गए है। वहीं, तीन में वायरल मार्कर नेगेटिव रहे। हेपिटाइटिस बी के 361 नमूनों में से 3 पॉजिटिव मिले है। हेपिटाइटिस सी के 361 नमूनों में से 17 और एचआईवी के 66 नमूनों में से एक पॉजिटिव है। ओटी टेस्ट के 136 नमूनों में से 25 पॉजिटिव मिले है। हेपेटाइटिस ए-ई, मलेरिया, स्क्रब टाइफस व लेप्टोस्पाइरा के सभी नमूने नेगेटिव आये है। पानी के 31 नमूनों में से 6 में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने से जल स्रोत दूषित पाया गया है।
अचानक क्यों आए इतने मामले
स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार हेपेटाइटिस का प्रभाव 4-5 वर्ष बाद सामने आता है। 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग में संक्रमण अधिक पाया गया है, जिसमें कुछ मामलों में नशे के लिए संक्रमित आईवी का उपयोग और असुरक्षित यौन संबंध कारण बताए गए हैं।
गांव में लगाया गया है स्वास्थ्य शिविर
प्रशासन मृतकों की मेडिकल हिस्ट्री खंगाल रहा है। जिन अस्पतालों में उपचार हुआ, वहां से रिकॉर्ड मंगाए गए हैं। जिला नूंह के नल्हड़ मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद व गुरुग्राम के अस्पतालों से भी समन्वय किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि गांव में आईएमडी स्कूल के पास, एक अन्य स्कूल परिसर व पंचायत क्षेत्र में तीन विशेष स्वास्थ्य शिविर 2 फरवरी से संचालित हैं। अब तक 585 लोगों की ओपीडी जांच हो चुकी है। कैंपों में हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, एचआईवी व लिवर फंक्शन टेस्ट किए जा रहे हैं।
15 हजार क्लोरीन टैबलेट कीं वितरित
स्वास्थ्य विभाग ने 15 हजार क्लोरीन टैबलेट वितरित की हैं। गांव में रोजाना दो बार फॉगिंग हो रही है। तीन मेडिकल टीमें 24 घंटे तैनात हैं। उपायुक्त ने झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज न कराने, एक बार इस्तेमाल की सिरिंज दोबारा न प्रयोग करने और ड्रग्स के लिए इंजेक्शन इस्तेमाल करने वालों की सूचना प्रशासन को देने की अपील की।
स्वास्थ्य मंत्री कर सकती हैं दौरा
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के 16 फरवरी को पलवल दौरे के दौरान गांव आने की संभावना है। सरपंच इस्लाम ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और जांच कराने की अपील की है।
क्या कहते है अधिकारी
पीएचसी छांयसा के इंचार्ज मेडिकल अफसर डॉ. देवेंद्र जाखड़ ने बताया कि 600 डोज की मांग की गई थी, जिनमें से 300 डोज प्राप्त हुई हैं। प्राथमिकता पर वैक्सीन को संक्रमितों के परिजनों व करीबी संपर्कों को दी जा रही है।