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हल्के विरोध के बीच 50 मकान धराशायी
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हल्के विरोध के बीच 50 मकान धराशायी
बल्लभगढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग के पास सेक्टर 4आर पटेल नगर में मंगलवार को सिंचाई विभाग ने तोड़फोड़ की कार्रवाई करते हुए 50 मकानों को ध्वस्त कर दिया। विभाग ने इन मकानों को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिए थे। तीन दिन पहले ही सिंचाई विभाग ने एक बार फिर लोगों के मकानों पर कार्रवाई के लिए नोटिस लगाए थे।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे से पुलिस बल व जेसीबी मशीन राष्ट्रीय राजमार्ग के पास जमा होने शुरू हो गए थे। 11 बजे सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आने के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान लोगों ने विरोध किया, मगर पुलिस के सामने वे बेबस नजर आए।
पांच जेसीबी की मदद से चार घंटे तक चली तोड़फोड़ की कार्रवाई में दस्ते ने 50 मकान तोड़े। इसके साथ ही हाईवे की दूसरी तरफ रेलवे लाइन व हाईवे के बीच आरा मशीन व अन्य छोटे उद्योग संचालकों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को भी हटाया गया। यहां करीब 15 छोटे निर्माण थे, जिन्हें तोड़कर रास्ता साफ किया गया।
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सिंचाई विभाग के उपमंडल अधिकारी अरविंद शर्मा ने बताया कि विभाग की इस बेशकीमती जमीन पर कई साल से अवैध कब्जा था, जिसे मंगलवार को साफ कराया गया है। उन्होंने बताया कि ये 50 मकान राष्ट्रीय राजमार्ग से बिलकुल सटे हुए थे। इनकी वजह से इन मकानों के पीछे पड़ा एक खाली मैदान भी इस्तेमाल में नहीं आ रहा था। क्योंकि मुख्य प्रवेश मार्ग पर ये मकान आ जाते थे। केवल 50 मकानों के हटने से इन मकानों के पीछे खाली पड़े करीब 500 मीटर के मैदान को रास्ता मिल गया है। इस मैदान में नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालय व जिम लगा रखे हैं, जिनका लोग इस्तेमाल भी नही कर पा रहे थे।
तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता बीएस रावत को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जयवीर राठी के नेतृव में करीब पांच थानों से पुलिस बलह मंगाया गया था। दो सौ से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से बिना किसी हंगामे व विरोध के तोड़फोड़ की कार्रवाई पूरी हो गई।
न्यायालय में लंबित है मामला
पटेल नगर रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान हरिलाल ने बताया कि विभाग के खिलाफ उनकी सुनवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही है। 20 नवंबर को न्यायालय में इसकी सुनवाई भी होनी थी। आरोप है कि विभाग ने न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोगों का आरोप है कि यह सारी कार्रवाई ओल्ड फरीदाबाद विधानसभा से भाजपा विधायक नरेंद्र गुप्ता की फैक्ट्री को रास्ता मुहैया कराने के लिए की गई है। पिछले कई महीनों से इस बात को लेकर स्थानीय लोग विधायक से मिल चुके हैं। फरवरी माह में ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग लेने आए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने तोड़फोड़ की कार्रवाई को रुकवा दिया था। उपमुख्यमंत्री ने लोगों को मकान के बदले में मकान मिलने के बाद ही तोड़फोड़ करने का आश्वासन दिया था। अब आरडब्ल्यूए इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
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बल्लभगढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग के पास सेक्टर 4आर पटेल नगर में मंगलवार को सिंचाई विभाग ने तोड़फोड़ की कार्रवाई करते हुए 50 मकानों को ध्वस्त कर दिया। विभाग ने इन मकानों को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिए थे। तीन दिन पहले ही सिंचाई विभाग ने एक बार फिर लोगों के मकानों पर कार्रवाई के लिए नोटिस लगाए थे।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे से पुलिस बल व जेसीबी मशीन राष्ट्रीय राजमार्ग के पास जमा होने शुरू हो गए थे। 11 बजे सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आने के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान लोगों ने विरोध किया, मगर पुलिस के सामने वे बेबस नजर आए।
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पांच जेसीबी की मदद से चार घंटे तक चली तोड़फोड़ की कार्रवाई में दस्ते ने 50 मकान तोड़े। इसके साथ ही हाईवे की दूसरी तरफ रेलवे लाइन व हाईवे के बीच आरा मशीन व अन्य छोटे उद्योग संचालकों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को भी हटाया गया। यहां करीब 15 छोटे निर्माण थे, जिन्हें तोड़कर रास्ता साफ किया गया।
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सिंचाई विभाग के उपमंडल अधिकारी अरविंद शर्मा ने बताया कि विभाग की इस बेशकीमती जमीन पर कई साल से अवैध कब्जा था, जिसे मंगलवार को साफ कराया गया है। उन्होंने बताया कि ये 50 मकान राष्ट्रीय राजमार्ग से बिलकुल सटे हुए थे। इनकी वजह से इन मकानों के पीछे पड़ा एक खाली मैदान भी इस्तेमाल में नहीं आ रहा था। क्योंकि मुख्य प्रवेश मार्ग पर ये मकान आ जाते थे। केवल 50 मकानों के हटने से इन मकानों के पीछे खाली पड़े करीब 500 मीटर के मैदान को रास्ता मिल गया है। इस मैदान में नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालय व जिम लगा रखे हैं, जिनका लोग इस्तेमाल भी नही कर पा रहे थे।
तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता बीएस रावत को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जयवीर राठी के नेतृव में करीब पांच थानों से पुलिस बलह मंगाया गया था। दो सौ से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से बिना किसी हंगामे व विरोध के तोड़फोड़ की कार्रवाई पूरी हो गई।
न्यायालय में लंबित है मामला
पटेल नगर रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान हरिलाल ने बताया कि विभाग के खिलाफ उनकी सुनवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही है। 20 नवंबर को न्यायालय में इसकी सुनवाई भी होनी थी। आरोप है कि विभाग ने न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोगों का आरोप है कि यह सारी कार्रवाई ओल्ड फरीदाबाद विधानसभा से भाजपा विधायक नरेंद्र गुप्ता की फैक्ट्री को रास्ता मुहैया कराने के लिए की गई है। पिछले कई महीनों से इस बात को लेकर स्थानीय लोग विधायक से मिल चुके हैं। फरवरी माह में ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग लेने आए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने तोड़फोड़ की कार्रवाई को रुकवा दिया था। उपमुख्यमंत्री ने लोगों को मकान के बदले में मकान मिलने के बाद ही तोड़फोड़ करने का आश्वासन दिया था। अब आरडब्ल्यूए इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।