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जमीन तलाशने में ही लग गए चार साल, अस्पताल बनने में कितना समय लगेगा, सेहतपुर में बनना है 50 बेड का अस्पताल
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फरीदाबाद। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली का ही नतीजा है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद सेहतपुर में बनने वाले 50 बेड के अस्पताल के लिए अभी तक उचित जमीन नहीं मिली है। जबकि इसको बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने साल 2017 में ही की थी। 20 करोड़ रुपये का बजट भी पास किया था।
नगर पार स्थित सेहतपुर और आसपास के लोगों की काफी समय से मांग है कि उनके लिए समुचित स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की जाए। लोकसभा, विधानसभा व निगम पार्षद के चुनाव में भी कई बार इसके मुद्दे उठे हैं। अस्पताल बनता है तो नहर पार के पांच लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा। सेहतपुर, पल्ला, इस्माइलपुर, दीपावली इंक्लेव, ओम नगर, ओम इंक्लेव पार्ट-वन-टू, रोशन नगर, शिव दुर्गा विहार, सरस्वती कॉलोनी, सेक्टर-91, धीरज नगर, तिलपत, सूर्या विहार आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां रहे रहे लोगों को उक्त अस्पताल के बनने से फायदा होता। स्थानीय लोगों की मानें तो इलाज कराने के लिए उन्हें लगभग 10 से 12 किलोमीटर दूर, जिला नागरिक अस्पताल या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अब तिलपत में मिली है जमीन
स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता का कहना है कि नगर निगम ने पहले सेहतपुर में स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल के लिए जमीन दी थी लेकिन उसमें जलभराव था। ऐसे में जमीन लेने मना कर दिया। लिहाजा अब नगर निगम द्वारा तिलपत में जमीन दी गई है। उसका रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना नगर निगम के कमिश्नर के छुट्टी से वापस आने के बाद जमीन को स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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नगर पार स्थित सेहतपुर और आसपास के लोगों की काफी समय से मांग है कि उनके लिए समुचित स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की जाए। लोकसभा, विधानसभा व निगम पार्षद के चुनाव में भी कई बार इसके मुद्दे उठे हैं। अस्पताल बनता है तो नहर पार के पांच लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा। सेहतपुर, पल्ला, इस्माइलपुर, दीपावली इंक्लेव, ओम नगर, ओम इंक्लेव पार्ट-वन-टू, रोशन नगर, शिव दुर्गा विहार, सरस्वती कॉलोनी, सेक्टर-91, धीरज नगर, तिलपत, सूर्या विहार आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां रहे रहे लोगों को उक्त अस्पताल के बनने से फायदा होता। स्थानीय लोगों की मानें तो इलाज कराने के लिए उन्हें लगभग 10 से 12 किलोमीटर दूर, जिला नागरिक अस्पताल या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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अब तिलपत में मिली है जमीन
स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता का कहना है कि नगर निगम ने पहले सेहतपुर में स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल के लिए जमीन दी थी लेकिन उसमें जलभराव था। ऐसे में जमीन लेने मना कर दिया। लिहाजा अब नगर निगम द्वारा तिलपत में जमीन दी गई है। उसका रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना नगर निगम के कमिश्नर के छुट्टी से वापस आने के बाद जमीन को स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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