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दिवाली से पहले सुधरी शहर के प्रदूषण की हालत
Updated Sun, 04 Nov 2018 06:36 PM IST
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दिवाली से पहले सुधरी शहर के प्रदूषण की हालत
फरीदाबाद। वायु प्रदूषण के कारण बेहद खराब परिवेश में जीने को मजबूर औद्योगिक नगरी वासियों के लिए शनिवार का दिन ताजी हवा के झोंके लेकर आया। लगातार एक सप्ताह तक लोगों को सांस लेने में परेशानी का जिम्मेदार पटिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का स्तर रविवार को सामान्य और उससे भी कम रहा। औद्योगिक नगरी के वातावरण में यह बदलाव शनिवार रात चली तेज हवाओं के कारण रहा। हालांकि, पीएम 2.5 का औसत 206 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया लेकिन सूरज निकलने के बाद इसकी मात्रा सामान्य के करीब ही रही। वातावरण में प्रदूषक की मात्रा कम होने से रविवार को लोगों ने राहत की सांस ली।
औद्योगिक नगरी में पिछले एक सप्ताह में वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से छह से सात गुना अधिक रहा। वातावरण में पीएम 2.5, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा भी सामान्य से दो से ढाई गुणा तक बढ़ी रही। शनिवार शाम तक पीएम 2.5 की मात्रा सामान्य से छह गुना ज्यादा यानी 369 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही। शनिवार शाम को हल्की और देर रात कुछ देर तक तेज हवाएं चलीं। इसका असर पीएम 2.5 सहित अन्य प्रदूषकों की मात्रा में कमी के रूप में दिखा। रविवार रात दो बजे पीएम 2.5 की मात्रा 327 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर थी जो सुबह चार बजे घट कर 206 तक पहुंच गई। सूर्यादय के साथ ही इसकी मात्रा में लगातार गिरावट दर्ज की गई, सुबह छह बजे 92 से घट कर यह आठ बजे 57 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के स्वस्थ सूचकांक तक पहुंच गई। पीएम 2.5 की यह मात्रा दिन भर सामान्य यानी 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के आस पास ही रही। प्रदूषक नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड और सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा भी सामान्य ही रहीं। वातावरण स्वच्छ होने के कारण लोगों ने राहत की सांस ली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि औद्योगिक नगरी की हवा में घुले पीएम 2.5 जैसे प्रदूषक शनिवार रात को हवाएं चलने से डिस्पर्स हो गए और वातावरण में उनका घनत्व घट गया। उन्होंने दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताते हुए लोगों से पटाखे नहीं जलाने की अपील की।
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फरीदाबाद। वायु प्रदूषण के कारण बेहद खराब परिवेश में जीने को मजबूर औद्योगिक नगरी वासियों के लिए शनिवार का दिन ताजी हवा के झोंके लेकर आया। लगातार एक सप्ताह तक लोगों को सांस लेने में परेशानी का जिम्मेदार पटिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का स्तर रविवार को सामान्य और उससे भी कम रहा। औद्योगिक नगरी के वातावरण में यह बदलाव शनिवार रात चली तेज हवाओं के कारण रहा। हालांकि, पीएम 2.5 का औसत 206 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया लेकिन सूरज निकलने के बाद इसकी मात्रा सामान्य के करीब ही रही। वातावरण में प्रदूषक की मात्रा कम होने से रविवार को लोगों ने राहत की सांस ली।
औद्योगिक नगरी में पिछले एक सप्ताह में वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से छह से सात गुना अधिक रहा। वातावरण में पीएम 2.5, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा भी सामान्य से दो से ढाई गुणा तक बढ़ी रही। शनिवार शाम तक पीएम 2.5 की मात्रा सामान्य से छह गुना ज्यादा यानी 369 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही। शनिवार शाम को हल्की और देर रात कुछ देर तक तेज हवाएं चलीं। इसका असर पीएम 2.5 सहित अन्य प्रदूषकों की मात्रा में कमी के रूप में दिखा। रविवार रात दो बजे पीएम 2.5 की मात्रा 327 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर थी जो सुबह चार बजे घट कर 206 तक पहुंच गई। सूर्यादय के साथ ही इसकी मात्रा में लगातार गिरावट दर्ज की गई, सुबह छह बजे 92 से घट कर यह आठ बजे 57 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के स्वस्थ सूचकांक तक पहुंच गई। पीएम 2.5 की यह मात्रा दिन भर सामान्य यानी 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के आस पास ही रही। प्रदूषक नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड और सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा भी सामान्य ही रहीं। वातावरण स्वच्छ होने के कारण लोगों ने राहत की सांस ली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि औद्योगिक नगरी की हवा में घुले पीएम 2.5 जैसे प्रदूषक शनिवार रात को हवाएं चलने से डिस्पर्स हो गए और वातावरण में उनका घनत्व घट गया। उन्होंने दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताते हुए लोगों से पटाखे नहीं जलाने की अपील की।
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