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जम्मू की तबाही के मंजर का आंखों देखा हाल
Updated Mon, 08 Sep 2014 08:06 AM IST
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‘जम्मू के हालात बेहद भयावह हैं। ग्राउंड फ्लोर पर पानी भरा है। पहली मंजिल पर परिवार रह रहे हैं। हम जब लौट रहे थे तवी नदी पूरे उफान पर थी। हमारी ट्रेन गुजरने के आधे घंटे बाद ही पता चला कि पुल बह गया है। सुनकर रूह कांप उठी। सुरक्षित वैशाली पहुंचे तो भगवान का शुक्रिया अदा किया। लेकिन अब वहां रह रहे रिश्तेदारों की चिंता सता रही है।’
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जम्मू से तबाही का मंजर देखकर लौटी वैशाली की कौल फैमिली की आंखों में आंसू तैरने लगते हैं। वैशाली सेक्टर-3 निवासी और आरडब्ल्यूए के सचिव एके कौल ने बताया कि 28 जुलाई को अपनी पत्नी प्राना के साथ वे जम्मू के रूपनगर गए थे। 20 जुलाई को उनकी सास का निधन हो गया था।
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एके कौल के अनुसार बीते शुक्रवार शाम को रूपनगर स्थित घर के ग्राउंड फ्लोर पर पानी आ गया था, जिसके कारण परिवार के लोग फर्स्ट फ्लोर पर रह रहे थे।
बाढ़ के हालात देखते हुए शनिवार सुबह वे अपनी पत्नी के साथ घर से दिल्ली के लिए निकले। घर से बाहर निकले तो रेलवे स्टेशन जाने के लिए कोई ऑटो तक नहीं मिला।
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ट्रेन रुकी तो पता चला पुल टूट चुका है
जैसे तैसे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन ली। ट्रेन से दिख रहा हाईवे पानी से लबालब था। सुबह करीब 11 बजे ट्रेन ने तवी नदी पर बना एक पुल पार किया। कुछ आगे चलकर ट्रेन स्टेशन पर रुकी तो खबर मिली कि तवी नदी पर बना वह पुल टूट गया है। खुद तो वैशाली स्थित अपने आवास पर पहुंच गए हैं। मगर अब उनकी पत्नी प्राना जम्मू में रह रहे परिवार के अन्य सदस्यों की चिंता सता रही है।
पांच दिन पहले लौटे थे परिवार के अन्य लोग
एके कौल का बेटा मनोज, बहू मोनिका और बेटी सुनीता पांच दिन पहले ही जम्मू से लौट आए थे। एके कौल के मुताबिक जिस दिन बच्चे लौटे उस दिन ही बारिश शुरू हो गई थी।
उधर, अपने भाई बहन की चिंता में डूबी प्राना का रोरोकर बुरा हाल है। उन्होंने फोटो तक खिंचवाने से इंकार कर दिया।
गगन विहार निवासी भानू दोस्तों संग वैष्णो देवी में फंसा
गगन विहार का रहने वाला भानू भी बुधवार को वैष्णो देवी के लिए घर से निकला था। जम्मू तो पहुंच गया मगर अब बाढ़ के चलते न तो वैष्णो देवी जा पा रहा है और न ही वापस आ सकता है।
एक होटल में दोस्तों संग शरण लिए भानू हर घंटे घर में फोन कर वहां के हालात की जानकारी देता है। मां कविता ने बताया कि माता के दर्शन करने गया था।
माता ही उसकी रक्षा करेगी। भानू ने फोन पर बताया है कि होटल का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सभी पहली मंजिल पर रह रहे हैं।
पांच दिन पहले लौटे थे परिवार के अन्य लोग
एके कौल का बेटा मनोज, बहू मोनिका और बेटी सुनीता पांच दिन पहले ही जम्मू से लौट आए थे। एके कौल के मुताबिक जिस दिन बच्चे लौटे उस दिन ही बारिश शुरू हो गई थी।
उधर, अपने भाई बहन की चिंता में डूबी प्राना का रोरोकर बुरा हाल है। उन्होंने फोटो तक खिंचवाने से इंकार कर दिया।
गगन विहार निवासी भानू दोस्तों संग वैष्णो देवी में फंसा
गगन विहार का रहने वाला भानू भी बुधवार को वैष्णो देवी के लिए घर से निकला था। जम्मू तो पहुंच गया मगर अब बाढ़ के चलते न तो वैष्णो देवी जा पा रहा है और न ही वापस आ सकता है।
एक होटल में दोस्तों संग शरण लिए भानू हर घंटे घर में फोन कर वहां के हालात की जानकारी देता है। मां कविता ने बताया कि माता के दर्शन करने गया था।
माता ही उसकी रक्षा करेगी। भानू ने फोन पर बताया है कि होटल का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सभी पहली मंजिल पर रह रहे हैं।