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गाजियाबादः नकली सैनिटाइजर फैक्टरी का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

Mon, 16 Mar 2020 06:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 16 Mar 2020 06:31 AM IST
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Fake sanitizer factory busted four arrested in ghaziabad
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

जिला औषधि विभाग ने नकली सैनिटाइजर की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। रविवार रात की कार्रवाई में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। इसमें से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्रवाई में बागपत के ड्रग इंस्पेक्टर और कविनगर थाना पुलिस मौजूद रही। अधिकारियों ने करीब 10 लाख रुपये का माल फैक्टरी से बरामद किया है। फैक्टरी का मालिक सहित दो लोग फरार हैं।

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शाहपुर बम्हैटा में मानसरोवर पार्क के पीछे एक घर में फैक्टरी चल रही थी। ड्रग इंस्पेक्टर पूरन चंद, अनुरोध कुमार और बागपत के ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने कविनगर पुलिस के साथ शाम को फैक्टरी पर रेड डाली। ड्रग इंस्पेक्टर पूरन चंद ने बताया कि फैक्टरी को बम्हैटा निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह नाम का व्यक्ति चला रहा था। मौके पर 1500 लीटर लिक्विड अधिकारियों ने बरामद किया है। इसमें स्प्रिट व सैनिटाइजर बनाने के लिए अन्य लिक्विड बरामद किया गया। 
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सैनिटाइजर की पांच हजार खाली बोतलें, ढाई हजार भरी बोतलें, कार्टून, छोटा हाथी (वाहन) सहित सैनिटाइजर बनाने के लिए लगी मशीनों को बरामद किया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि करीब 10 लाख रुपये का माल बरामद किया है। मामले में वीरेंद्र कुमार सिंह, अतुल कुमार, विवेक कुमार, विकास कुमार, रणपाल सिंह और सुनील के खिलाफ कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अतुल, विवेक, विकास और सुनील को गिरफ्तार कर लिया है। ये चारों फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारी हैं। जबकि फैक्ट्री मालिक वीरेंद्र कुमार सिंह और रणपाल सिंह फरार हैं।
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ओरटम के नाम से बना रहे थे सैनिटाइजर
फैक्टरी में बरामद सैनिटाइजर ओरटम कंपनी के नाम से तैयार होकर बाजारों में भेजा जा रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर पूरन चंद ने बताया कि पांच दिन पहले सैनिटाइजर का सैंपल लिया गया था। प्रथम दृष्टया यह सैंपल फेल पाया गया। विभाग के ही एक व्यक्ति को रविवार को मौके पर खरीदार बनाकर भेजा गया। बातचीत में नकली सैनिटाइजर बनाने का खुलासा हुआ। कंफर्म होने पर विभागीय अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देश पर फैक्टरी पर कार्रवाई की।

99.99 प्रतिशत बैक्टीरिया खत्म करने का दावा

फैक्टरी से बरामद सैनिटाइजर की बोतल पर 99.99 प्रतिशत बैक्टीरिया खत्म करने का दावा किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि कोई भी सैनिटाइजर यह काम नहीं कर सकता है। इसके अलावा कोरोना वायरस को खत्म करने का डिक्लेयरेशन भी प्रोडक्ट पर किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना को लेकर चल रही अफरातफरी का लाभ उठाकर प्रतिदिन की करीब दो हजार बोतल गाजियाबाद और आसपास के शहरों में सप्लाई की जा रही थीं।

सैनिटाइजर में केवल स्प्रिट और अल्कोहल
फैक्टरी में बनने वाले सैनिटाइजर में केवल स्प्रिट और अल्कोहल का प्रयोग हो रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर पूरन चंद ने बताया कि नकली सैनिटाइजर हाथ पर लगाने पर अलग ही महसूस हो जाता है। इससे हाथों पर सूखापन बढ़ता है और त्वचा के लिए भी यह खतरनाक है। उन्होंने बताया कि फैक्टरी को सील कराया गया है। आरोपियों पर ड्रग और कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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