AIIMS Research : मिट्टी और हवा में धातु की अधिकता बना सकती है किडनी में पथरी, एम्स के शोध में हुआ खुलासा
विशेषज्ञों का कहना है कि करीब 10 में से 1 व्यक्ति को अपने जीवनकाल में किडनी की पथरी हो सकती है। 30 और 40 की उम्र के पुरुषों में यह सबसे आम है।
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हवा और मिट्टी में कोबाल्ट व क्रोमियम की उपलब्धता किडनी में पथरी की समस्या बना सकती हैं। यह खुलासा एम्स के एक शोध में हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोबाल्ट एक धातु तत्व है। इसका इस्तेमाल कई उद्योगों में किया जाता है। वहीं क्रोमियम एक रसायनिक तत्व व खनिज है। यह चमकीली, सलेटी-भूरे रंग की सख्त, लेकिन आसानी से टूट जाने वाली धातु होती है। क्रोमियम का इस्तेमाल कई तरह के उत्पादों में किया जाता है। इनकी उपलब्धता कई जगहों पर होती है। इनके कारण हवा और मिट्टी प्रदूषित होती है। इन जगहों पर रहने वाले लोगों में किडनी में पथरी रोग होने की आशंका रहती है।
शोध बताता है कि इनके कारण व्यक्ति की किडनी में कैल्शियम ऑक्सालेट पत्थर बनने की आशंका रहती है। शोध में डॉक्टरों को भविष्य में इसके उपचार की नीति बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही जिन जगहों पर धातु की अधिकता है, हवा और मिट्टी में उनके प्रदूषक तत्व ज्यादा हैं, उसे लेकर रणनीति बनाने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों ने इस शोध को एम्स स्थापना दिवस पर प्रदर्शित किया।
ऐसे किया गया अध्ययन
इस अध्ययन में विशेषज्ञाें का उद्देश्य किडनी की पथरी वाले रोगियों के रक्त, मूत्र और पथरी के टुकड़ों में धातु तत्वों की सांद्रता का विश्लेषण करना और उनकी तुलना किडनी की पथरी के बिना रोगियों के रक्त और मूत्र में सांद्रता से करना है। यह भारत में पहला अध्ययन है जो तीनों मैट्रिक्स में धातु तत्वों की जांच करता है। यह संभावित रूप से पथरी बनने के लिए परिवर्तनीय जोखिम कारकों की पहचान करता है।
शोध में यह विशेषज्ञ थे शामिल
एम्स के मूत्र विज्ञान विभाग, शरीर रचना विभाग, प्रयोगशाला चिकित्सा विभाग के डॉ. छाबड़ा स्वेशा, डॉ. सेठ अमलेश, डॉ. अहमदुल्ला शरीफ, डॉ. जावेद अहसन कादरी, डॉ. श्याम प्रकाश और डॉ. कुमार संजय विशेषज्ञ।
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30 और 40 की उम्र के युवाओं में आम
विशेषज्ञों का कहना है कि करीब 10 में से 1 व्यक्ति को अपने जीवनकाल में किडनी की पथरी हो सकती है। 30 और 40 की उम्र के पुरुषों में यह सबसे आम है।
किडनी की पथरी के लक्षण
किडनी की पथरी का सबसे आम लक्षण पीठ के निचले हिस्से, पेट या बगल में दर्द है। ऐसा महसूस हो सकता है कि यह कमर से बगल तक दर्द फैल गया हो। यह हल्का दर्द या तेज और गंभीर भी हो सकता है।
इस कारण किडनी में बन सकते हैं स्टोन
पेशाब में खनिज, अम्ल और अन्य पदार्थ होते हैं। इसमें कैल्शियम, सोडियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड शामिल हैं। जब हम पानी पीते हैं तो यह पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है, लेकिन कम पानी पीने के कारण पेशाब में इन पदार्थों के कण बहुत ज्यादा हो जाते हैं।
तरल पदार्थ कम होने के कारण यह आपस में चिपकना शुरू कर सकते हैं, जिससे पत्थर बन सकते हैं। किडनी की पथरी कई महीनों या साल में बन सकती है। इसके अलावा उच्च ऑक्सालेट या कम कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थ खाने से भी किडनी में स्टोन बनने की आशंका रहती है।
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