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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Karawal Nagar grappling with waterlogging

Delhi NCR News: जलभराव, दूषित पानी और अधूरे निर्माण से जूझ रहा करावल नगर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 06:11 PM IST
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अमर उजाला संवाद:
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- संवाद कार्यक्रम में फूटा लोगों का गुस्सा, समस्याओं के निराकरण की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। करावल नगर में अमर उजाला आरडब्ल्यूए संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें निवासियों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि मुख्य नाले का स्तर ऊंचा है। इससे जलभराव होता है और आवाजाही में दिक्कत आती है। पेयजल की समस्या भी गंभीर है, लोगों को पानी खरीदना पड़ता है। गलियों का अधूरा निर्माण बच्चों की शिक्षा पर असर डाल रहा है। नालों की सफाई में चार-पांच महीने लगते हैं।
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कूड़ा किनारे ही छोड़ दिया जाता है, जिससे सफाई बेअसर होती है। कूड़ा उठाने वाली ऑटो टिप्पर गाड़ियां नहीं आतीं। निजी कूड़ा उठाने वालों को 200 से 250 रुपये प्रतिमाह शुल्क देना पड़ता है। इस कारण कई परिवार कचरा खुले में फेंक देते हैं, जिससे गंदगी फैलती है।
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क्या बोले लोग- गलियों के खुदे होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समस्या की शिकायत कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा से की जा चुकी है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
-ठाकुर दानवीर सिंह प्रधान
नई पुलिया के कारण क्षेत्र के प्रमुख नाले की ऊंचाई पहले से बढ़ गई है, जिसके कारण गलियों में मौजूद नालियां नीची पड़ गई हैं और क्षेत्र में जलभराव जैसी स्थिति बन जा रही है। बार-बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
-ओम प्रकाश निवासी

नलों से गंदा पानी आता है। मजबूरी में बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। कई महीनों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारी आश्वासन देकर वापस भेज देते हैं। -अवधेश शर्मा कोषाध्यक्ष
सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। क्षेत्र में कूड़ा एकत्रित करने वाली ऑटो टिप्पर की गाड़ियां नहीं आती। इसके चलते मजबूरन घर से कचरा उठवाने के लिए हर महीने 200 से 250 रुपये देने पड़ते हैं।

-सुबोध गुप्ता सदस्य
नाले की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। कूड़ा निकालकर वहीं छोड़ दिया जाता है, जो फिर नाले में चला जाता है। इसके कारण नाले में दोबारा उतना ही कूड़ा भर जाता है और व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाती।
-संजय यादव सदस्य
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