कॉन्फ्रेंस से पहले चुनाव आयोग से लेनी होगी अनुमति
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आम चुनाव के दौरान दिल्ली पुलिस को संदिग्ध मामलों में प्रेस कांफ्रेंस करने से पहले चुनाव आयोग से मंजूरी लेनी होगी। खासतौर से उन मामलों में जो कथित आतंकी गतिविधियों या किसी खास समुदाय से जुड़े हों।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से इस संबंध में दिल्ली पुलिस को निर्देश जारी कर दिया है। यह व्यवस्था चुनाव आचार संहिता लागू रहने तक जारी रहेगी।
चुनावी आचार संहिता 16 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद ही हटेगी।
संदिग्ध मामलों में एलर्ट रहे पुलिस
दरअसल यह सारी कवायद देश में हो रहे आम चुनाव में मतदाताओं का सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से बचाने की है।
चुनाव आयोग को अंदेशा है कि इस तरह के मामले मीडिया में आने से कुछ राजनीतिक दल उसका चुनावों में तथाकथित रूप से फायदा उठा रहे हैं। इसका प्रभाव चुनाव में पड़ने का आसार रहता है।
इसलिए दिल्ली पुलिस को यह निर्देश जारी कर संदिग्ध मामलों में प्रेस कांफ्रेंस करने से पहले सतर्क रहने को भी कहा है। 16 मई तक किसी भी तरह की प्रेस कांफ्रेंस करने पहले चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी।
चुनाव आयोग ने मांगा जवाब
चीफ नोडल ऑफिसर आचार संहिता अंकुर गर्ग ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह निर्देश जारी हुआ है।
पिछले दिनों दिल्ली पुलिस ने दो प्रेस कांफ्रेंस करके इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के दो आतंकियों को पकड़ने का दावा किया था। इनमें तहसीन अख्तर और पाकिस्तानी नागरिक वकास और तीन युवाओं को राजस्थान से पकड़ा था जिन पर आईएम से जुड़े होने का शक था।
उसके बाद से चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया था। सूत्रों की मानें तो चुनाव आयोग ने उन दोनों प्रेस कांफ्रेंस के बारे दिल्ली पुलिस से स्पष्टीकरण भी मांगा है।