फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   due to pollution pre-mature delivery in the city

यहां प्रदूषण की वजह से हो रही है प्री-मैच्योर डिलीवरी

Thu, 23 Jul 2015 05:00 PM IST
Updated Thu, 23 Jul 2015 05:00 PM IST
विज्ञापन
due to pollution pre-mature delivery in the city

एनसीआर में वायु प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर तो पड़ ही रहा है साथ ही गर्भस्थ शिशु भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। यही कारण है कि गर्भपात के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। इसके साथ ही फर्टीलिटी पर भी असर पड़ रहा है।

विज्ञापन


वायु प्रदूषण की वजह से गर्भ में शिशुओं की मौत, शिशुओं का कम वजन का पैदा होना, प्री-मैच्योर डिलीवरी, शिशुओं के मस्तिष्क और व्यवहार संबंधी समस्याओं पर भी असर देखने को मिल रहा है।
विज्ञापन


साइंस एंड एनवायरमेंट की रिपोर्ट में एनसीआर को लगातार पांचवें साल सूबे का सबसे प्रदूषित क्षेत्र बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एनसीआर में वायु प्रदूषण का ग्राफ सबसे ज्यादा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस वजह से बढ़ रहा है टेस्ट ट्यूब बेबी का चलन

due to pollution pre-mature delivery in the city

हवा में आरएसपीएम (रिस्पायरेबल स्पेंडिड पार्टिक्लेट मेटर) की मात्रा 350 (मानक 60 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर) है, जबकि एनओटू की मात्रा 31 (80 मानक), एसओटू की दोगुनी और बेंजीन तथा कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा तीन गुना ज्यादा है।


गाइनकोलोजिकल एंड ओब्सट्रेटिक सोसायटी ऑफ इंडिया की गाजियाबाद शाखा की प्रेसिडेंट डा. अर्चना शर्मा ने बताया कि प्रदूषण की वजह से महिलाओं में फर्टीलिटी की समस्या काफी बढ़ गई है।

ऑल इंडिया गाइनोकोलॉजिस्ट सेमिनार में भी इस विषय पर चर्चा होती है, जिसकी वजह से टेस्ट ट्यूब बेबी का चलन बढ़ रहा है।

ऐसे पड़ता है प्रभाव

due to pollution pre-mature delivery in the city

स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.दीपा त्यागी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों बच्चों का वजन काफी कम हो रहा है। गर्भ में बच्चों का विकास न होना और कमजोर होने की वजह से एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ) के केसेज भी काफी बढ़ गए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण में हवा में कार्बन और सल्फर आदि रसायनों की मात्रा बढ़ जाती है। आक्सीजन की कमी होने से सांस फूलना, यूरिक एसिड बढ़ना, गर्भ को रक्त की पूरी सप्लाई न होने आदि समस्या सामने आने लगती है।

इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। यही प्री मेच्योर डिलीवरी, अंडर वेट बच्चों और अल्प विकसित मस्तिष्क के रूप में परेशानी समाने आती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed