अब नहीं सताएगा बिजली का बिल, धूप से चलेगी एसी
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बिजली की लगातार बढ़ रही खपत को देखते हुए छात्रों के एक समूह ने सोलर एनर्जी से चलने वाला एयरकंडीशनर बनाया है। इसमें मेंटेनेंस का भी कोई चक्कर नहीं होगा। एनआईआईटी के प्रोफेसर डॉ. चंदन कुमार के नेतृत्व में बीटेक फाइनल ईयर के छात्र शैलेंद्र चौरसिया, शैलेंद्र शर्मा, पुष्कर वर्मा और राहुल पांडे ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को पूरा किया है।
उन्होंने बताया कि एक ऐसे एयरकंडीशनर को बनाया गया है जो केवल सोलर एनर्जी से ही चलेगा। एक बार छत पर इसे लगाने के बाद इसमें कोई विशेष खर्च नहीं आता है।
बिजली के भारी बिल के भुगतान की चिंता नहीं रहती साथ ही यह पर्यावरण के लिहाज से बेहतर है। फिलहाल इसमें एक ही कमी है कि धूप नहीं होने के कारण रात में नहीं चल पाएगा।
ऐसे काम करता है सोलर एसी
डॉ. चंदन कुमार बताते हैं कि इस प्रोजेक्ट में धूप को प्राप्त सोलर एनर्जी को इकट्ठा कर एक बोरेसिल ट्यूब के द्वारा रेफ्रिजरेंट तक पहुंचाया है। जिससे रेफ्रिजरेंट (पानी और ब्रोमाइड का मिश्रण होता है) वाष्प में बदल जाएगा और कंडेशनर तथा एक्सपेंशन वाल्व से होते हुए गुजरेगा।
एक्सपेंशन वाल्व से गुजरने पर रेफ्रिजरेंट का तापमान काफी कम हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट में हवा को ठंडा करके एयरकंडीशनर बनाया गया है। अब जो वहां से जो हवा निकलेगी उससे कमरे /आफिस को बेहद तेजी से ठंडा किया जा सकेगा।
यह बिलकुल उसी प्रक्रिया पर काम करता है जिस प्रक्रिया पर गैस गीजर काम करता है।
30 हजार रुपये है लागत
छात्रों ने करीब करीब एक टन का एयरकंडीशनिंग सिस्टम बनाया है। जिस पर करीब 30 हजार की लागत आई है। खास बात यह है कि एक बार इंस्टाल हो जाने के बाद इसका मेंटेनेंस करीब करीब फ्री है।
छात्रों ने बताया कि इस सिस्टम को अभी सुधारने में कुछ समय लगेगा। जिसके बाद उसका खर्च भी कम हो जाएगा और साथ ही एयरकंडीशन की गुणवत्ता भी बढ़ाई जा सकेगी।
इस पर छात्र लगातार शोध कर रहे हैं। छात्रों को उम्मीद है कि मॉल्स, कंपनियों और कॉलेजों के अलावा रेस्तरां में उनके बनाए गए एयरकंडीशन सिस्टम की अच्छी मांग होगी।