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डीएनडी टोल: मामले में सुनवाई की जल्दबाजी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
Fri, 26 Apr 2019 07:11 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 26 Apr 2019 07:11 AM IST
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Supreme Court
- फोटो : PTI
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सुप्रीम कोर्ट ने डीएनडी टोल मामले की सुनवाई में जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस मामले की तह तक जाएगी और पता लगाने की कोशिश करेगी कि आखिर उसके फैसले के विपरीत इस मामले को सूचीबद्ध क्यों किया गया? चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या यह मामला करोड़ों रुपये से संबद्ध है, इसलिए इसकी सुनवाई में जल्दबाजी की जा रही है।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के सामने गुरुवार को यह मामला सूचीबद्ध था। पीठ ने रजिस्ट्री से कहा कि वह बताए कि इसे अप्रैल के अंतिम सप्ताह में सूचीबद्ध करने के आदेश के बावजूद अभी सूचीबद्ध क्यों किया गया। कोर्ट ने कहा कि हमें इसमें कुछ और लग रहा है। हमें मालूम है कि रजिस्ट्री क्या कर रही है। पीठ ने गुरुवार को इस पर कोई भी दलील सुनने से इनकार कर दिया।
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शीर्ष अदालत की यह तल्ख टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक अन्य पीठ चीफ जस्टिस के खिलाफ ‘बड़ी साजिश’ के एक वकील के दावे की सुनवाई कर रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाले 9.2 किमी लंबे दिल्ली नोएडा डायरेक्ट (डीएनडी) पुल को टोलमुक्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश को ब्रिज बनाने वाली कंपनी नोएडा टोल ब्रिज लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कंपनी के दावों की जांच के लिए सीएजी को ऑडिट करने के लिए कहा था। कंपनी का दावा है कि डीएनडी से अब तक वह लागत व खर्च वसूल नहीं सकी है। सीएजी ऑडिट रिपोर्ट कोर्ट को सौंप चुका है। 12 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी और नोएडा प्राधिकरण के बीच जारी मध्यस्थता कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।