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दिल्ली हाट में बसते हैं भारत के सभी राज्य

Fri, 27 Dec 2013 05:25 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 27 Dec 2013 05:25 PM IST
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Dilli Haat is one destination for all Indian states

दिल्ली हाट में एक गांव के बाज़ार का माहौल दिखाई देता है। लेकिन पूरी दिल्ली में यहीं एक ऐसी जगह है जहां भारत के सभी राज्यों की झलक दिखाई देती है।

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दिल्ली हाट आपको भरतीय कला और विरासत की जादुई दुनिया में ले जाती है, जहां हस्तशिल्प, भोजन और सांस्कृतिक गतिविधियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है। यही नहीं यहां से आप किस्म-किस्म के पहनावे भी खरीद सकते है। साथ ही अलग-अलग राज्यों के पकवानों का मजा ले सकते हैं।
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खाने का है विशेष इंतजाम
चाहे वे सिक्किम के मोमोज़ हों या नगालैण्ड के बम्बूज हॉट चिकन, या फिर जम्मू का कहवा और कबाब हो, यहां हर तरह के वैरायटी वाले भोजन मिलते हैं। महाराष्ट्र की पूरणपोली और गुजराती ढोकला भी खूब पसंद किए जाते हैं।
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यही नहीं पंजाब के ‘मक्के दी रोटी सरसों दा साग’, बंगाल के ‘माछेर-झोल’ हो या फिर दक्षिण भारत का ‘इडली डोसा’ यहां सबकुछ उपलब्ध है। बिहार के मशहूर लिट्टी-चोखे के बिना तो चर्चा ही अधूरी है। ये सब दिल्ली हाट की खूबसूरती का एक हिस्सा है।

किफायती दरों पर मिलती हैं सामान
दिल्ली पर्यटन विभाग ने इसका निर्माण देश के ज़रूरतमंद कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए कराया है। यहां बुनकर एवं काश्तकार बिना बिचौलियों के हस्तक्षेप के ग्राहकों को सीधे सामान बेचते हैं। इससे ग्राहकों को काफी किफायती दरों पर सामान मिल जाती है।

छह एकड़ भूमि पर फैली हुई छप्पर की छतों वाली छोटी-छोटी झोपड़ियां और कियोस्क, गांव का माहौल पैदा करते हैं। यहां कुल 201 स्टाल्स हैं। इनमें से 151 हैंडीक्राफ्टस और 50 हैंडलूम की दुकाने हैं।

इनमें बनारसी सिल्क साड़ी, मधुबनी पेंटिंग, पश्चिम बंगाल की कांथा साड़ियां, राजस्थान के पारंपरिक पोशाक जैसी देसी सामानों की भरमार है। कपड़ों, हस्तशिप्लों और पकवानों के साथ बांस से बनाई गई कुर्सी, टेबल, छोटा गमला आदि भी लोगों को लुभाती हैं।

खुशनुमा रहता है माहौल
मार्च, 1994 से शुरू हुआ यह सुंदर बाजार अब हस्तशिल्पियों और बुनकरों का घर बन चुका है। पूरे क्षेत्र में रंगीन फूलों वाली झाड़ी और सुंदर पेड़ दिखाई पड़ते हैं। इसस बरबस ही माहौल खुशनुमा बन जाता है।


कहना न होगा कि ‘दिल्ली हाट’ की पहचान ही यहां मिलने वाले खांटी देसी उत्पादों और खाने वाले विविध व्यंजनों से बनी है। यहां आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी लोगों को आकर्षित करते रहे हैं।

शायद इसीलिए यहां देसी ग्राहकों के साथ-साथ अच्छी-खासी संख्या में विदेशी ग्राहक भी खरीदारी करने में व्यस्त दिखाई देते है। अगर आप इस रोमांचकारी बाजार का हिस्सा बनना चाहते हैं तो इस वीकेंड दिल्ली हाट का टिकट बुक करा लीजिए।

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