दिल्ली के उपमुख्यमंत्री का विज्ञापन के जरिये केंद्र पर हमला, अधिकारियों के तबादले पर पूछे सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली अंडमान निकोबार आईलैंड सिविल सर्विसेज (दानिक्स) के आठ अधिकारियों के दिल्ली के बाहर एक साथ स्थानांतरण को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार के फैसले को दिल्ली के खिलाफ बताया है।
हिंदी-अंग्रेजी के अखबारों में विज्ञापन देकर केंद्र सरकार से सवाल किया है, आखिर दिल्ली के खिलाफ फैसले क्यों? वहीं आश्वासन दिया है कि काम रुकने नहीं दें। अगर ये अफसर नहीं देंगे तो जनता के बीच से एक्सपर्ट लाकर काम पर लगा देंगे।
उपमुख्यमंत्री की फोटो के साथ दिए गए विज्ञापन में लिखा है कि केंद्र सरकार ने बिना दिल्ली सरकार से पूछे दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में काम कर रहे अधिकारियों का अचानक दिल्ली से बाहर तबादला कर दिया है।
केजरीवाल की जगह मनीष सिसोदिया ने संभाला मोर्चा
उसमें अनधिकृत कॉलोनी में विकास कार्य कराने, स्कूलों का माडर्न लुक देने और कमरे बनवाने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने, मुख्यमंत्री कार्यालय में जनता की शिकायतों की निगरानी करने वाले अधिकारियों के तबादले का जिक्र किया गया है।
सिसोदिया ने अक्तूबर, 2015 में दिल्ली के बाहर भेजे गए वैट आयुक्त का जिक्र भी किया है। फिर राजधानी में स्वीकृत दानिक्स अधिकारियों के पद, भरी सीटों का भी जिक्र किया है।
यहां तक लिखा है कि दिल्ली को सिर्फ 40 फीसदी अधिकारी दे रखे हैं। नया ट्रांसफर दिल्ली का काम ठप करने के लिए किया गया है। उल्लेखनीय है कि अभी तक इस तरह के हमले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से किए जाते थे, इस बार मोर्चा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने संभाला है।