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पेयजल योजनाओं के निजीकरण का विरोध शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 07 Apr 2016 09:54 AM IST
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पेयजल योजनाओं के निजीकरण का विरोध शुरू हो गया है। इसके विरोध में 21 अप्रैल को हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल वर्कर्स यूनियन उपायुक्त कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन करेगी। यह निर्णय बुधवार को सिविल लाइन रोड स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय में आयोजित बैठक में लिया गया।
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जिला प्रधान रविंद्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रांतीय प्रधान वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने कहा कि प्रशासन की नाक के नीचे शहर में दर्जनों पेयजल प्लांट धड़ल्ले से चल रहे हैं। जो पूरे शहर में मिनरल वाटर सप्लाई करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पानी की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
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इसके कारण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ा रहा है। हर साल कुकुरमुत्तों की तरह मिनरल वाटर प्लांट खुल जाते हैं। इस कारोबार को करने के लिए किसी प्रकार अनुमति नहीं ली जाती। प्लांटों के संचालकों के पास पानी की जांच के लिए प्रयोगशालाएं तक नहीं हैं।
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दूसरी तरफ पानी का कारोबार करने वाली एजेंसियां भूमिगत जल का नाजायज दोहन करके मुनाफा कमाने के काम में लगी हुई हैं। इसके कारण भूमिगत जल का स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। इससे भविष्य में पीने के पानी का संकट हो सकता है।
यूनियन ने जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है। बैठक में गुड़गांव ब्लॉक समिति के सचिव भगवान यादव, तावडू ब्लॉक के प्रधान पृथ्वी सिंह, पटौदी के प्रधान सुदेश, सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान ओमवीर शर्मा, वित्त सचिव अनिल वर्मा, दिल्ली के प्रधान राजेश धनखड़, सोहना प्रधान शंभू राघव, सह सचिव देवकरण खटाना ने भी अपने विचार रखे।