दिल्ली महिला आयोग ने #MeToo का किया समर्थन, पीएम से भी मांगी मदद
पूरे देश में मीटू अभियान के तहत पीड़ित महिलाओं की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में दिल्ली महिला आयोग ने कहा है कि वह इस संघर्ष में महिलाओं के साथ मजबूती के साथ खड़ा है।
दिल्ली महिला आयोग ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए दुख जताया कि किसी भी लड़की या महिला को अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार के बारे में बताने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है। ऐसे में दिल्ली महिला आयोग उनके साथ मजबूती के साथ खड़ा है।
आयोग ने विश्वास जताते हुए कहा कि इससे महिलाओं का विश्वास बढ़ा है, इससे कई महिलाओं को हिम्मत मिली है कि वे यौन शोषण या अपराध के खिलाफ आवाज उठा सके। अपनी आपबीती लोगों को बता सके। जिन महिलाओं ने आवाज उठाई है उनकी मदद से यौन अपराधों के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ गई है।
इस अभियान के तहत कई बड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। आयोग ने उदाहरण के लिए एमजे अकबर जिसके खिलाफ 8 से ज्यादा महिलाओं ने यौन दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज करवाई हैं, उन्होंने अपने करियर में ऊंचाईयों को छुआ और यहां तक की केंद्र में मंत्री पद तक पहुंचे। उनको कभी अपने किये का दंड नहीं मिला और जिन महिलाओं का शोषण हुआ वो अभी भी न्याय का इंतज़ार कर रही हैं। कई महिलाओं का एक ही व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। आयोग का मानना है कि इन अपराधियों को जेल भेजा जाए।
दिल्ली महिला आयोग ने एक अलग से इमेल आईडी बनाई है- metoodcw@gmail.com, जिसपर कोई भी शिकायत कर सकता है। इसके अलावा किसी अन्य सहायता की लिए 181 पर भी फोन किया जा सकता है।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और मीटू अभियान के लिए को समर्थन देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मीटू हमारे सिस्टम की विफलता का नतीजा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से ज्यादा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने, पुलिस के संसाधन और जवाबदेही बढ़ाने और एक मजबूत न्याय व्यवस्था बनाने की अपील की है।