Delhi Traffic Jam: 16 फरवरी की तैयारी में जुटी दिल्ली पुलिस, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; सड़कों पर लगा लंबा जाम
Delhi Traffic Jam Today: किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। साथ ही सिंघु और टिकरी बॉर्डर बंद होने की वजह से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। वहीं गाजीपुर-नोएडा के रास्तों पर राहत है।
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Delhi Traffic Advisory Today: न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर सरकार से वार्ता असफल होने के बाद किसानों ने दिल्ली की ओर आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। लेकिन किसानों को रोकने के लिए दिल्ली में प्रवेश करने वाले रास्तों पर जगह-जगह पर बैरिकेडिंग लगा दी गई है।
दिल्ली के बॉर्डरों पर ट्रैफिक अपडेट
दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर जाम लग गया है। ऑफिस टाइमिंग के दौरान दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाली सड़क पर जाम लग गया है। जिसकी वजह से ट्रैफिक की रफ्तार थम गई है। गाजीपुर बॉर्डर पर 16 फरवरी को किसान आंदोलन को लेकर सड़क पर बैरिकेडिंग की वजह से जाम लग गया है। वहीं दूसरी तरफ पंजाब में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ गए हैं। किसान आंदोलन ने ट्रेन के यात्रियों को फिर परेशान कर दिया है। पंजाब में रेलवे ट्रैक पर किसानों के धरने से दिल्ली आने वाली ट्रेनें प्रभावित हो रही है।
किसानों को दिल्ली पहुंचने में एक से दो दिन का समय लग सकता है, लेकिन किसानों के पहले मुसीबत दिल्ली पहुंच चुकी है। यूपी गेट पर बैरिकेडिंग के कारण ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि एनएच-44 पर सिंघू बॉर्डर यातायात के लिए यात्रियों को परेशानी होगी। इसलिए मार्ग परिवर्तन और वैकल्पिक मार्गों को चुनें।
Traffic Advisory
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) February 14, 2024
Singhu border on NH-44 is inaccessible for traffic. Please follow the advisory for diversions and alternative routes.#DPTrafficAdvisory pic.twitter.com/pPNWpUlhY4
सिंघु व टिकरी बॉर्डर ने बढ़ाई परेशानी
किसान बुधवार शाम तक राष्ट्रीय राजधानी से करीब 200 किलोमीटर दूर हैं, लेकिन दिल्लीवासी तीन दिन से जाम से जूझ रहे हैं। आए दिन प्रमुख मार्गों पर 4 से 6 किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। इससे लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं। बुधवार को भी टिकरी व सिंघु बॉर्डर का हाल बुरा था। इनसे सटे इलाकों व सड़कों पर दिनभर जाम लगा रहा। हालांकि, गाजीपुर व नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर कुछ बैरिकेड हटाकर करीब दो-दो लेन खोल दी गईं जिससे दिल्ली-यूपी आवागमन करने वालों को कुछ राहत मिली। इधर, बदरपुर व घिटोरनी बॉर्डर पर भी हालात सामान्य थे।
दिल्ली के ये बॉर्डर पूरी तरह सील
1. सिंघु बॉर्डर : किसानों के दिल्ली कूच के एलान के बाद राष्ट्रीय राजधानी की सभी सीमाओं पर पुलिस का कड़ा पहरा कर दिया गया है। किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए बॉर्डर पर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस की ओर से रास्ते पर बड़े-बड़े सीमेंट के ब्लॉक खड़े कर दिए गए हैं। इसके अलावा बैरिकेडिंग के ऊपर कटीले तार लगाएं गए हैं।
जीटी करनाल रोड पर सिंघु बॉर्डर व भलस्वा मार्ग को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। ऐसे में इन रास्तों से जाने वाले ट्रैफिक को अन्य रास्तों की तरफ परिवर्तित किया गया है। इससे आसपास की कॉलोनियों व मार्गों पर सुबह से शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि, मंगलवार के मुकाबले बुधवार को कुछ राहत थी। भलस्वा के पास कंटेनर रखकर जीटी करनाल रोड को पूरी तरह बंद किया गया है। भलस्वा से ट्रैफिक को बादली की ओर परिवर्तित करने से जहांगीरपुरी तक दिनभर जाम रहा।
2.टीकरी बॉर्डर: सड़क पर जर्सी बैरियर व कंटीले तार लगाकर बॉर्डर सील किया गया है। नांगलोई से जीटी करनाल रोड की तरफ ट्रैफिक को जाने नहीं दिया जा रहा। नांगलोई से ट्रैफिक को जीटी करनाल रोड की तरफ मोड़ा जा रहा है। यहां वाहन नजफगढ़ व गुरुग्राम होकर हरियाणा रहे हैं। इस मार्गों पर ट्रैफिक बढ़ने से वाहनों की दिनभर लाइन लगी रही। यहां पर 4 ये 5 किलोमीटर जाम लगा रहा।
3. लामपुर बॉर्डर: यहां पर वाहनों की पूरी तरह आवाजाही बंद है। सीमा से काफी पहले से ही ट्रैफिक को परिवर्तित किया गया। यहां ट्रैफिक को घोघा गांव की तरफ डायवर्ट किया गया।
4. औचंदी बॉर्डर: बॉर्डर सील होने से यहां से ट्रैफिक को मुुंगेशपुर, कुतुबगढ़ और हरेवली की तरफ परिवर्तित किया गया। इस बॉर्डर के कारण दिल्ली के हरियाणा के ओर जाने वाले छोटे-बड़े मार्गों पर दिनभर जाम लगा रहा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
* एनएच-44 पर सिंघु बॉर्डर यातायात के लिए बंद।
* हरियाणा/पंजाब/हिमाचल आदि के लिए अंतरराज्यीय बसें और एचजीवी वाणिज्यिक ट्रकों को सिग्नेचर ब्रिज से खजूरी चौक वाया लोनी बॉर्डर से ईस्टर्न पेरिफेरल रोड की ओर जाने के लिए मजनूं का टीला, आउटर रिंग रोड पर डायवर्जन लेना होगा।
* आजादपुर मंडी से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर जाने वाले ट्रकों को आजादपुर मंडी से डायवर्जन लेना होगा, सर्विस रोड से आउटर रिंग रोड, हैदरपुर वाटर प्लांट की ओर जाना होगा और रोहिणी जेल रोड सेक्टर-18 से बादली मेट्रो स्टेशन से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट के लिए यू-टर्न लेना होगा।
* केवल डीटीसी बसों और कारों व अन्य चारपहिया वाहनों को मुकरबा चौक से एनएच-44 की ओर नरेला और सफियाबाद सीमा की ओर जाने के लिए निकास लेने की अनुमति है।
30 हजार पुलिसकर्मी तैनात
दिल्ली पुलिस वर्ष 2020 की तरह इस बार कोई गलती नहीं करना चाहती। पिछली बार किसान दिल्ली में घुसकर सीमाओं पर सड़क पर ही बैठ गए थे। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने पुलिस आयुक्त को किसानों को किसी भी सूरत में दिल्ली में नहीं घुसने देने के आदेश दिए हैं। ऐसे में पुलिस ने इस बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी है। गाजीपुर, सिंघु व टीकरी बॉर्डर और नई दिल्ली जिले में ही 30 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने सुरक्षा व्यवस्था की खुद कमान संभाल रखी है। वे सुबह से ही बॉर्डरों पर पहुंचकर व्यवस्था की जानकारी ले रहे हैं।
पुलिस आयुक्त खुद सीमाओं का लिया जायजा
दिल्ली पुलिस की 200 कंपनियां (एक कंपनी में 70 से ज्यादा पुलिसकर्मी होते हैं) सिंघु, टीकरी व गाजीपुर बॉर्डर पर तैनात हैं। गृहमंत्रालय ने पुलिस को 82 कंपनियां दी हैं। इसके अलावा पुलिस कार्यालय में काम करने वाले पुलिसकर्मियोंं की 150 कंपनियों को सुरक्षा में तैनात किया गया है। इसके अलावा लोकल पुलिस भी मुस्तैद है। नई दिल्ली में ही आउटर फोर्स के ही 1260 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। नई दिल्ली जिला पुलिस आयुक्त देेवेश कुमार महला ने बताया कि जिले में ही 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी नजर रख रहे हैं। गृहमंत्री, प्रधानमंत्री आवास समेत अन्य वीवीआईपी जगहों की सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है। इसके अलावा महत्वपूर्ण जगहों पर पिकेट व स्पेशल पेट्रोलिंग करवाई जा रही है।
छत्रसाल स्टेडियम में दी जाएगी प्रदर्शन की अनुमति
पुलिस किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने नहीं देगी। अगर किसान किसी तरह प्रवेश कर गए तो उन्हें छत्रसाल स्टेडियम में प्रदर्शन की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, अभी दिल्ली सरकार ने स्टेडियम को डिटेंशन सेंटर बनाने से इंकार कर दिया है। स्टेडियम में प्रदर्शन के लिए उपराज्यपाल से अनुमति मांगी जाएगी।